प्रयागराज में NEET पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है शनिवार को बड़ी संख्या में छात्रों और विभिन्न छात्र संगठनों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शन कार्यो ने शहर से मार्च निकालते हुए जिला अधिकारी डीएम कार्यालय तक पैदल मार्च किया और अपनी मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सोपा छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता पेपर लीक की निष्पक्ष जांच और देशों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की यह प्रदर्शन देश भर में चल रहे छात्र आंदोलन में की कड़ी माना जा रहा है।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने हाथों में शक्तियां और बैनर लेकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए उनका कहना था कि लगातार हो रहे पेपर लीक ने लाखों मेहनती छात्रों का भविष्य खतरे में डाल दिया है छात्रों का आरोप है कि वर्षों की तैयारी के बावजूद परीक्षा प्रक्रिया में बार-बार होने वाली गड़बड़ी से युवाओं का भरोसा कमजोर हो रहा है,
मार्च के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई थी पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करने के लिए पूरे मार्ग पर निगरानी रखी हालांकि प्रदर्शन के दौरान किसी बड़े विवाद या हिंसा की सूचना नहीं मिली और छात्र शांतिपूर्ण डीएम कार्यालय पहुंचे।
डीएम कार्यालय पहुंचकर, राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सोपा ज्ञापन में मांग की गई की नीत पेपर लीक की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और आरोपियों को सख्त सजा में ली जाए प्रदर्शन में शामिल छात्रों का कहना था कि केवल एक परीक्षा मामला नहीं है बल्कि यह देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य का सवाल है उनका कहना है कि यदि समय रहते परीक्षा प्रणाली में सुधारने किया गया तो छात्रों का विश्वास पूरी तरह समाप्त हो सकता है।
छात्र संगठनों यह भी कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और व्यापक बनाया जाएगा उनका दावा है कि आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसी तरह के प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे हाल के दिनों में दिल्ली लखनऊ कोलकाता और बिहार समेत कई राज्यों में भी छात्र संगठनों ने नीट पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन किए हैं।
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उधर देशभर में नीट पेपर लीक को लेकर राजनीतिक बयान बाजी भी तेज हो गई है विभिन्न विपक्षी दल सरकार से जवाब मांग रहे हैं जबकि कहीं छात्र संगठन केंद्रीय शिक्षा मंत्री के स्थिति पर की मांग कर रहे हैं इसी बीच इस मामले से जुड़ी पुलिस कार्रवाई के आरोपों पर सर्वोच्च न्यायालय में भी सुनवाई निर्धारित है जिससे पूरे घटनाक्रम पर सभी के नज़ारे बनी हुई है।
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शिक्षा विशेषज्ञों का मान्य है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए केवल देशों की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं होगी परीक्षा प्रक्रिया में तकनीकी सुरक्षा निगरानी और जवाब देने को मजबूत करना भी जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा ना हो।





