राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में कहीं बड़े फैसले सामने आए धार्मिक समिति का गठन सीईओ और नए ट्रस्टियों पर फैसला टला। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक में राम मंदिर के भविष्य के संचालन और प्रशासन से जुड़े कहीं अहम फैसले लिए गए बैठक में मंदिर की धार्मिक व्यवस्था और मजबूत बनाने के लिए नई धार्मिक समिति के गठन को मंजूरी दी गई। वहीं नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी सीईओ और तीन नए ट्रस्टियों की नियुक्ति पर फिलहाल फैसला डाल दिया गया ट्रस्ट ने बताया कि इन व्यक्तियों पर अगले महीने होने वाली बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
धार्मिक समिति का गठन
बैठक का सबसे बड़ा निर्णय राम मंदिर की पूजा पद्धति और धार्मिक गतिविधियों की निगरानी के लिए विशेष धार्मिक समिति का गठन रहा इस समिति में अयोध्या के प्रमुख संतों और धार्मिक विद्वानों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई समिति यह सुनिश्चित करेगी की राम मंदिर में होने वाले सभी धार्मिक अनुष्ठान वैदिक परंपराओं और सनातन रीति रिवाज के अनुसार संपन्न हो। ट्रस्ट का मानना है कि श्रद्धालुओं की सबसे बड़ी संख्या और मंदिर परिसर के विस्तार को देखते हुए धार्मिक व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करना आवश्यक है।
सीईओ की नियुक्ति अगले महीने
बैठक में नए सीईओ की नियुक्ति पर भी चर्चा हुई लेकिन अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका। जानकारी के अनुसार इस पद के लिए देशभर में लगभग 5200 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इतनी बड़ी संख्या में आवेदनों की जांच के लिए चयन समिति ने अतिरिक्त समय मांगा है अब उम्मीद की जा रही है कि अगले महीने तक एक नए सीईओ के नाम भी घोषणा कर दी जाए।
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प्रवक्ता नियुक्ति करने का भी निर्णय
बैठक में यह भी तय किया गया की राम मंदिर ट्रस्ट अब आधिकारिक प्रवक्ताओं और नियुक्ति करेगा इन प्रवक्ताओं के माध्यम से मीडिया और आम लोग का तक का ट्रस्ट की आधिकारिक जानकारी समय-समय पर पहुंच जाएगी। अब तक ट्रस्ट से जुड़ी जानकारियां अलग-अलग माध्यमों से सामने आई थी लेकिन प्रवक्ता नियुक्त होने के बाद सूचनाओं का एक आधिकारिक स्रोत उपलब्ध होगा।
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नए ट्रस्टियों पर भी फैसला टला
बैठक में तीन नए ट्रस्टियों को शामिल करने का मुद्दा भी एजेंडा में था लेकिन इस पर भी कई अंतिम निर्णय नहीं लिए गए ट्रस्ट का कहना है कि सभी नाम पर विस्तार से विचार करने के बाद अगली बैठक में फैसला लिया जाएगा। इससे पहले कुछ नाम को लेकर विभिन्न संतों और संगठनों की ओर से सुझाव भी दिए गए थे।
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महासचिव अपने पद पर बने रहेंगे
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि ट्रस्ट के महासचिव कृष्ण मोहन अग्रवाल अपने पद पर बने रहेंगे और मंदिर से जुड़े प्रशासनिक कार्यों के जिम्मेदारी पहले की तरह संभालते रहेंगे इससे ट्रस्ट के मौजूदा प्रशासनिक ढांचे में निरंतरता बनी रहेगी।
महासचिव अपने पद पर बने रहेंगे
ट्रस्ट ने जानकारी दी की अगली बैठक सितंबर की शुरुआत में आयोजित की जाएगी इस बैठक में नए सीईओ नए ट्रस्टियों की नियुक्ति और अन्य प्रशासनिक विषयों पर अंतिम निर्णय लिए जाने की संभावना है। राम मंदिर के निर्माण के बाद अब ट्रस्ट का मुख्य ध्यान मंदिर के सुचारू संचालन पारदर्शी प्रशासन और धार्मिक परंपराओं के संरक्षण पर है हालिया बैठक में लिए गए फैसले को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





