जंतर-मंतर पर हो रहे प्रोटेस्ट का समर्थन करने अब कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता राहुल गांधी बच्चों का उत्साह बढ़ाने और उनके लिए आवाज़ उठाने हेतु लोकसभा में 5 मांगे रखते हुए नजर आए है। जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ एकजुटता दिखाते हुए 21 जुलाई को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव सहित कई विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना दिया था। हालांकि जिसके बाद पुलिस अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
बताया जा रहा है कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आशुतोष रांका और सौरव दास ने सोमवार को संसद चलो प्रदर्शन शुरू किया था जिसमें वह जेपी नड्डा से अपनी बात और शर्तें व्यक्त करने जा रहे थे। इसी दौरान पुलिस कर्मचारियों और छात्रों के बीच गरमा-गरमी छिड़ गई जिसके कारण दोनों ही पक्षों के लोगों को गंभीर चोटें आई जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। छात्रों के गंभीर चोट के कारण 21 जुलाई को विपक्षी पार्टी का घायलों से मिलने का सिलसिला शुरू हो गया।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल का दौरा किया। वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी RML अस्पताल में घायल छात्रों से मुलाकात की। इसी बीच दोपहर को प्रदर्शनकारियों ने मजबूती और कायम कर ली जब कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से उनका समर्थन देने लगी।
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मंगलवार रात क्या हुआ ?
मंगलवार देर रात तक जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में छात्र और विभिन्न संगठनों के समर्थक डटे रहे। विपक्षी नेताओं के पहुंचने के बाद आंदोलन को और अधिक राजनीतिक समर्थन मिला। छात्र संगठनों ने साफ किया कि उनकी मांगें पूरी होने तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की अगुवाई में कांग्रेस के कई सांसदों और वरिष्ठ नेताओं ने नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक आवास 7 लोक कल्याण मार्ग के बाहर धरना दिया। उन्होंने CJP के ‘संसद मार्च’ के दौरान छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की। इसी के बीच अन्य नेता राहुल गाँधी से मिलने पहुंचे जिसकी जानकारी X पर ट्वीट कर दी जा रही थी।
महुआ मोइत्रा ने जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ एक सेल्फ़ी वीडियो पोस्ट करते हुए कहा, “मोदी और शाह को ये पता ही नहीं कि जो लोग उनसे डरते नहीं उनके साथ कैसे पेश आएं. ये उनके लिए आउट ऑफ़ सिलेबस है”. प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
इसी बीच पुलिस अधिकारियों ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव सहित अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया। इन सभी को दिल्ली के मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन ले जाया गया। हालांकि कुछ देर बाद इन सभी को रिहा कर दिया गया। इसके बाद ही राहुल गाँधी ने अपनी मांगे रखते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया।
उन्होंने यह वीडियो छत्रसाल स्टेडियम में हिरासत में रहने के दौरान शूट किया था, जिसे बाद में उन्होंने एक्स पर साझा किया। राहुल गांधी ने वीडियो में बताया कि उन्होंने पीएम आवास के बाहर धरना देने का फ़ैसला क्यों किया।
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राहुल की 5 बड़ी मांग क्या-क्या?
जंतर-मंतर से जारी अपने वीडियो संदेश में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए पांच प्रमुख मांगें रखीं। उनका कहना था कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर सरकार को तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए।
- गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दें।
- छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और छात्रों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएं।
- छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के भविष्यों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
- संसद के दोनों सदनों में NEET पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली पर बिना किसी देरी के विस्तृत चर्चा कराई जाए।
- भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए देश की परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक एवं स्थायी सुधार लागू किए जाएं।
इसके अलावा विपक्ष पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने सिस्टम में इस कमजोरी का सीधा कारण माँगा। उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था क्यों कमजोर पड़ रही है ? बार-बार पेपर लीक क्यों हो रहे हैं? भारत में पढ़ाई इतनी महंगी क्यों है कि परिवारों को अपना सब कुछ दांव पर लगाना पड़ता है?
सरकार ने भी दिया पलटवार
पीएमओ (PMO) राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने धरना स्थल पर पहुंचकर राहुल गांधी से बात की। उन्होंने बाद में आरोप लगाया कि राहुल अपनी बात से मुकर रहे हैं। पहले वे संसद में चर्चा चाहते थे, लेकिन अब इस्तीफा मांग रहे हैं। यह एक वरिष्ठ नेता को शोभा नहीं देता। हालांकि केंद्र ने अभी राहुल गाँधी के सवालों का न तो जवाब दिया और न ही सख्त तरीके से पलटवार किया। सरकार ने राहुल गांधी के सवालों पर कहा ‘सहानुभूति नहीं, राजनीति कर रही है कांग्रेस’ दूसरी ओर शिक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया X पर लिखा कि जब सरकार संसद में पूरी चर्चा के लिए तैयार है, तब भी कांग्रेस समाधान निकालने के बजाय सिर्फ राजनीतिक ड्रामा और हंगामा कर रही है।




