प्रयागराज POCSO कोर्ट का बड़ा फैसला, बच्ची से दरिंदगी की दोषी मामी को 20 साल की सजा

प्रयागराज की पॉक्सो अदालत ने बच्ची से दुष्कर्म के मामले में मामी को 20 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने कहा कि बच्चों के खिलाफ ऐसे अपराधों में सख्त सजा जरूरी है।

Palak Gupta

22 जुलाई 2026

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प्रयागराज POCSO कोर्ट का बड़ा फैसला, बच्ची से दरिंदगी की दोषी मामी को 20 साल की सजा

भारत में रोजाना ऐसे कई मामले सामने आते हैं जिसमें किसी न किसी हादसे के रूप में मासूम बच्चों की जान चली जाती है। हाल ही में एक रिसर्च के तहत पता चला है कि साल 2024 में भारत में बच्चों के खिलाफ 1,87,702 अपराध दर्ज किए गए, यानी औसतन हर दिन 512 मामले सामने आए। यही तक नहीं, बल्कि POCSO Act के तहत 69,191 मामले दर्ज हुए, जो बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों की गंभीर स्थिति को दर्शाते हैं। इन मामलों में 70,132 बच्चे पीड़ित थे।

ऐसा ही एक मामला सामने आया है जहां एक 10 साल की मासूम बच्ची से मारपीट और यौन हिंसा करते हुए बच्ची की मामी को भारी सजा दी गई। हाल ही में आरोपी को दोषी करार देते हुए 1.03 लाख रुपये के जुर्माने के साथ 20 साल के लिए सलाखों के पीछे बंद कर दिया गया। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश/अपर विशेष न्यायाधीश POSCO Act, प्रयागराज पंकज श्रीवास्तव ने 20 जुलाई को सुनाया।

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क्या है पूरा मामला ?

रिपोर्ट्स के मुताबिक बताया जा रहा है कि बच्ची को पति-पत्नी ने अपनी भांजी को गोद लिया था। बच्ची का नाम नहीं बताया है जो आरोपी को मामा-मामी कहकर पुकारती थी। दोनों पति-पत्नी बच्ची से घर का सारा काम कराते थे और काम गलत या ठीक न होने पर उसे बुरी तरह पीटते थे। इस बात की पुष्टि पुलिस अधिकारियों ने बच्ची के बयान और अन्य साक्ष्यों से यह पता लगाया की बच्ची को लंबे समय से पीटा जा रहा था।

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मारकर किया अस्पताल में भर्ती

यह बात 18 मार्च 2023 को पुलिस की नजर में आया जब बच्ची की हालत काफी नाजुक थी। बच्ची की हालत आरोपी ने मारकर इतनी ख़राब कर दी थी कि उसे अस्पताल भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि बच्ची को गंभीर हालत में कैंटोनमेंट जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसे अस्पताल पहुंचाने के बाद उसकी मामी वहां से चली गई थी।

बच्ची की मेडिकल रिपोर्ट जब सामने आई तब सभी लोग दंग रह गए। मेडिकल हिस्ट्री में पता चला कि बच्ची के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिले। पुलिस की नजर में मामला सामने आने के बाद जांच तुरंत ही शुरू कर दी और बच्ची का बयान भी लिया गया। बच्ची के हाथ में गंभीर चोट थी और मेडिकल में उसके प्राइवेट पार्ट में भी चोट के प्रमाण मिले। बाद की मेडिकल जांच में उसके बाएं हाथ में फ्रैक्चर की भी पुष्टि हुई।

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अदालत की पेशी में बच्ची का बयान, पुलिस जांच में मिले सबूत और अन्य गवाहों के बयानों का परीक्षण किया। आरोपी ने इसे दुर्घटना बताने की कोशिश की लेकिन ठोस सबूत और मेडिकल रिपोर्ट्स के कारण बचाव पक्ष के गवाहों के बयानों में विरोधाभास पाया। अदालत ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों से यह साबित होता है कि आरोपी महिला ने बच्ची के साथ मारपीट की और उसके साथ यौन हिंसा की। अदालत ने आरोपी महिला को आईपीसी की धाराओं 323 और 325 तथा पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं में दोषी ठहराया।

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Palak Gupta is pursuing a Bachelor's in Journalism and Media Management and works as a News Writer at Khabar Mirror. She specializes in accurate,… और पढ़ें
Palak Gupta is pursuing a Bachelor's in Journalism and Media Management and works as a News Writer at Khabar Mirror. She specializes in accurate, credible, and reader-centric reporting, driven by a commitment to ethical journalism and continuous professional growth.

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