संसद के मानसून सत्र का आज का दिन काफी अहम माना जा रहा है, लोकसभा और राज्यसभा में NEET पेपर लीक मामले में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और प्रशिक्षण प्रणाली में सुधार जैसे मुद्दों पर जोरदार हंगामा होने की संभावना है। विपक्ष पहले ही साफ कर चुका है कि वह सरकार से इन मुद्दों पर जवाब मांगेगा वहीं केंद्र सरकार लोकसभा में एंटी पेपर कानून और सख्त बनाने के लिए संशोधन विधेयक भी पेश कर सकती है।
आज संसद में NEET मुद्दे पर हंगामे के आसार
पिछले कुछ दिनों में देश भर में NEET पेपर लीक को लेकर छात्रों का प्रदर्शन काफी चर्चा में रहा और एक अहम विषय बना रखा है दिल्ली के जंतर मंतर समेत कई स्थान पर छात्रों ने परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था इन प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया जिससे विपक्ष संसद में प्रमुख मुद्दा बनाना चाहता है।
NEET पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का देशभर में प्रदर्शन
कांग्रेस समेत कहीं विपक्षी दलों ने राज्यसभा में नोटिस देकर छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई पर तत्काल चर्चा मांग की है। विपक्ष कहना है कि छात्रों की आवाज दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।
विपक्ष की रणनीति केवल NEET पेपर तक सीमित नहीं है संसद में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता युवाओं की भविष्य और सरकार की जवाब देगी जैसे मुद्दे को भी जोर शोर से उठाया जाएगा विपक्ष का आरोप है कि पेपर लीक जैसे घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है।
इसीलिए ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था जरूरी है दूसरी और केंद्र सरकार ने संकेत दिया है कि वह परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए सख्त कानून लाने के पक्ष में है सरकार लोकसभा में एंटी पेपर लिक बिल पेश कर सकती है जिसमें सार्वजनिक परीक्षाओं में धांधली करने वालों के खिलाफ दंड का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है।
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सरकार पेश कर सकती है सख्त एंटी-पेपर लीक बिल
सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना और छात्रों का भरोसा मजबूत करना है। सरकार का यह भी कहना है कि वह संसद में हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है लेकिन सदन की कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से चलनी चाहिए सरकार चाहती है की विधाई कार्य बधित न हो और महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हो सके।
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राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मानसून सत्र का यह सप्ताह काफी हंगामेदार रह सकता है एक और सरकार परीक्षा सुधार और नए कानून के जरिए अपनी मांग स्पष्ट करना चाहती है वहीं विपक्ष छात्रों के मुद्दे को लेकर सरकार पर लगातार दबाव बनाए रखना चाहती है।





