दिल्ली जंतर-मंतर पर लड़ रहे प्रदर्शनकारियों का मुद्दा आखिरकार सरकार के लिए फैसलों में दिखाई दे रहा है। जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच एक बड़ी खबर सामने देखने को मिल रही है। दिल्ली की सड़कों पर उतरे हजारों छात्र की छात्रों पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मेरे युवा साथियों, मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं। मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है।
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सोनम वांगचुक के भूख हड़ताल के खत्म होने के बाद भी काक्रोच जनता पार्टी के लीडर अभिजीत दीपके ने साफ़ सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा था कि उन्हें इस चीज की ख़ुशी है कि सोनम वांगचुक ने अपनी हड़ताल पर 26 दिनों के बाद विराम लगा लिया है लेकिन छात्र अभी भी ऐसे ही प्रदर्शन करते रहेंगे जब तक धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा नहीं दे देते हैं।
युवाओं के नाम लिखा भावुक संदेश
अपने पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि भारत के युवा केवल देश का भविष्य नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माता हैं। उन्होंने लिखा कि छात्रों के सपनों को किसी भी राजनीतिक या कानूनी विवाद में उलझने नहीं देना चाहिए। इसी भावना के साथ उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने का फैसला किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी निभाने का अवसर मिला और आगे भी वह देश, ओडिशा तथा युवाओं की सेवा के लिए समर्पित रहेंगे।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुखी है यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है। प्रधान ने कहा कि जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, उसका राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ न उठाएं, देश की एकता बनी रहे इसी कारण मैंने यह फैसला लेने की ठानी है।
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इस्तीफे पर अभिजीत दीपके का बयान
शिक्षा मंत्री का इस्तीफा पत्र देखते ही CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने भी बयान दिया उन्होंने हजारों बच्चों को खुशखबरी देते हुए कहा कि हमने कर दिखाया, इस तरह से लोकतंत्र की जीत हुई। CJP ने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट किया, जिसमें अभिजीत दीपके ने नीट पेपर लीक में सुसाइड करने वाले छात्रों का नाम लेकर कहा कि उन्हें न्याय मिला है। उन्होंने कहा कि “झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।” दिपके ने दावा किया कि यह सिर्फ एक मंत्री का इस्तीफा नहीं, बल्कि देशभर के छात्रों और युवाओं की आवाज की जीत है। उनके मुताबिक, लगातार शांतिपूर्ण विरोध और जनदबाव के कारण सरकार को यह फैसला लेना पड़ा।
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बता दें कि बीते दिन केंद्र सरकार के साथ CJP के प्रतिनिधिमंडल की वार्ता हुई और 2 शर्तों पर सहमति बनी, लेकिन पार्टी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बिना धरना खत्म करने को तैयार नहीं थी। सरकार ने प्रधान के इस्तीफे पर विचार करने के लिए 24 घंटे का समय मांगा और आज साढ़े 3 बजे CJP के साथ वार्ता से पहले धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया।




