जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने एक बयान को लेकर राज्य की राजनीति पर फिर चर्चा की है और उसे पर एक भारी बयान दिया है। उन्होंने दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए एक प्रदर्शन पर जिक्र करते हुए केंद्र सरकार और बीजेपी पर निशाना साधा।
उनके बयान के बाद भाजपा नेताओं ने पलटवार किया और इस देश तथा जम्मू कश्मीर के माहौल को खराब करने वाला बयान बताया। बीजेपी के नेताओं का कहना है कि महबूबा मुफ्ती लगातार ऐसे बयान देती है जो बहुत ज्यादा अलग होते हैं और गलत सोच को बढ़ावा देते हैं। वही पीडीपी का कहना है की महबूबा मुफ्ती केवल लोकतांत्रिक अधिकारों और लोगों की आवाज उठाने की बात कर रही थी।
क्या कहा था महबूबा मुफ्ती ने?
महबूबा मुफ्ती ने अपने बयान में कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को विरोध की आवाज सुनाई चाहिए और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करना चाहिए उन्होंने दावा किया कि लोगों की आवाज को दबाने की कोशिश लोकतंत्र के लिए सही नहीं है उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई।
भाजपा नेता अल्ताफ ठाकुर का पलटवार
बीजेपी के वरिष्ठ नेता अल्ताफ ठाकुर ने महबूबा मुफ्ती पर तीखा हमला बोला है उन्होंने कहा कि पीडीपी प्रमुख हमेशा ऐसे मुद्दे उठाती है जिसे विवाद पैदा होता है ठाकुर ने आरोप लगाया की महबूबा मुफ्ती देश विरोधी ताकतों की भाषा बोल रही है और जनता अब तक उनकी राजनीति को समझ चुकी है।
उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में शांति और विकास का माहौल बना है लेकिन कुछ नेता राजनीतिक फायदे के लिए लोगों को भड़काने का प्रयास करते रहते हैं।
पीडीपी ने किया बचाव
पीडीपी नेताओं ने बीजेपी के आरोपी को खारिज करते हुए कहा कि महबूबा मुफ्ती ने केवल लोकतांत्रिक अधिकारों की बात की है पार्टी का कहना है कि किसी भी लोकतंत्र में नागरिक को अपने राय रखने का अधिकार होता है और इस अधिकार की रक्षा करना जरूरी है पार्टी नेताओं ने यह भी कहा कि हर आलोचना को देश विरोधी बताना सही नहीं है। लोकतंत्र में सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने नागरिकों का बहुत बड़ा अधिकार है।
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जम्मू कश्मीर की राजनीति में फिर बड़ी बयान बाजी
जम्मू कश्मीर में पिछले कुछ समय से राजनीतिक गतिविधियां फिर तेज हो चुकी है विधानसभा चुनाव और भविष्य की राजनीतिक रणनीति को देखते हुए सभी दल लगातार एक दूसरे पर हमलावर है। महबूबा मुफ्ती और बीजेपी के बीच पहले ही कई मुद्दों पर तीखी बयान बाजी हो चुकी है।
अनुच्छेद 370 सुरक्षा व्यवस्था विकास और लोकतांत्रिक अधिकार जैसे विषय अक्सर दोनों पक्षों के बीच विवाद का कारण बने हुए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में ऐसे बयान और राजनीतिक आरोप प्रत्यारोप और बढ़ सकते हैं क्योंकि सभी दल अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश में लगे हुए हैं।
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जनता की नजर राजनीतिक बहस पर
राज्य के लोगों का मानना है कि नेताओं का केवल बयान बाजी करने के बजाय रोजगार शिक्षा पर्यटन विकास और युवाओं की भविष्य जैसे मुद्दों पर अधिक ध्यान देना चाहिए आम लोगों की राजनीतिक दल आपसी आरोपी से आगे बढ़ाकर जनता की समस्याओं का समाधान करें।
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फिलहाल महबूबा मुफ्ती के बयान को लेकर शुरू हुआ विवाद जनता नजर नहीं आ रहा है बीजेपी और पीडीपी दोनों अपने-अपने पक्ष पर कायम है आने वाले दिनों में इस मुद्दों पर राजनीतिक प्रतिक्रिया है सामने आने की संभावना है।





