Governor Movie Review: मनोज बाजपेयी ने जीता दिल, लेकिन कहानी छोड़ गई कुछ सवाल

गवर्नर - द साइलेंट सेवर में मनोज बाजपेयी की दमदार एक्टिंग ने जीता दिल, लेकिन कहानी छोड़ गई अधूरा असर ,जानें पूरी फिल्म रिव्यू I

Palak Gupta

13 जून 2026

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Governor Movie Review: मनोज बाजपेयी ने जीता दिल, लेकिन कहानी छोड़ गई कुछ सवाल

गवर्नर मूवी के ट्रेलर ने पूरी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के बीच बड़ा उत्साह बढ़ा दिया है। वही जिसका लोगों को इंतजार था वो घड़ी आ गई। 12 जून 2026 को गवर्नर – द साइलेंट सेवर मूवी थिएटर्स में लॉन्च हो गई है। मूवी के लीड रोल में मनोज बाजपेयी ने सभी का दिल जीत लिया है। उनके कैरेक्टर ने सभी को काफी हद तक प्रभावित किया है।

मूवी का पूरा नाम गवर्नर : द साइलेंट सेवर है। रिपोर्ट्स के अनुसार मूवी में 1991 के भारत का संघर्ष और अनकही कहानियां दिखाने की कोशिश की गई है। 1991 भारत के लिए इतिहास का सबसे बड़े आर्थिक संकट के दिनों में से एक था। उन्हीं संकट की पृष्ठभूमि पर बनी है यह फिल्म। फिल्म का कॉन्सेप्ट जितना ही मजेदार है उतना ही इसमें सस्पेंस देखने को मिलेगा।

मूवी का कॉन्सेप्ट क्या है?

फिल्म आर्थिक संकटों से लोगों को पारस्पर कराती है, फिल्म की कहानी एक RBI के अवसर की है जिसे देश के सबसे कठिन दौर 1991 के समय पर जिम्मेदारी दी जाती है। वही उस कैरेक्टर को बहुत स्ट्रॉन्ग बताया जा रहा है, जो उस समय भी देश के बारे में सोचता है जब हर कोई उसके खिलाफ खड़ा होता है। यह कहानी साफ तौर पर वही संघर्ष दिखाती है जो देश को बचाने के लिए एक सरकारी अफसर को झेलना पड़ता है।

मूवी में मनोज बाजपेयी का किरदार क्या है?

मनोज बाजपेयी का किरदार इस पूरी फिल्म में एक ईमानदार अवसर का रहा है। फिल्म में वे किस प्रकार देश पर आने वाले आर्थिक संकटों का सामना करते हैं, इसे समझाकर लोगों से जुड़ने की कोशिश की गई है। मनोज बाजपेयी की एक्टिंग और किरदार ने उनका प्रदर्शन और भी ज्यादा मजबूत बना दिया है।

वह पूरी फिल्म में अपना किरदार गंभीरता और गहराई के साथ निभाते हुए नजर आए हैं। सोशल मीडिया पर उनके किरदार की जमकर तारीफ भी की जा रही है। उनके डायलॉग डिलीवरी, एक्सप्रेशन और स्क्रीन प्रेजेंस ने फिल्म के खाली पलों को पूरी तरह से भर दिया था।

फ़िल्म के कुछ यादगार पल

फिल्म में कुछ सीन काफी प्रभावशाली हैं वहीं कुछ सीन इमोशनल सेंटिमेंट्स से भी जुड़े हुए हैं। ट्रैफिक सिग्नल पर बच्ची पेन बेच रही हो या फिर एक आम चपरासी कर्ज़ ले रहा हो। सारे ही सीन में काफी डिटेलिंग देखने को मिलती है। फिल्म में कलाकारों की कड़ी मेहनत भी खूब निखर कर आ रही है। कुछ हिस्सों में कहानी धीमी लगती है, लेकिन फिल्म में क्राइसिस मैनेजमेंट की कहानी काफी दिलचस्प लगती है।

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कुल मिलाकर अभी तक IMDB रेटिंग 7.4 के आस-पास चल रही है। कुछ लोग फिल्म को इंटेलिजेंट और अलग नजरिए से देख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों का कहना है कि मूवी में पंच तो है। गवर्नर – द साइलेंट सेवियर एक ऐसी फिल्म है जो कहीं न कहीं एक नॉन-फेमस कहानी को उभारती है। ये फिल्म उन लोगों के लिए ज्यादा बेहतर है जो पॉलिटिकल, सीरियल, और आर्थिक विषयों को जानने में इंटरेस्ट रखते हैं।

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Palak Gupta is pursuing a Bachelor's in Journalism and Media Management and works as a News Writer at Khabar Mirror. She specializes in accurate,…और पढ़ें
Palak Gupta is pursuing a Bachelor's in Journalism and Media Management and works as a News Writer at Khabar Mirror. She specializes in accurate, credible, and reader-centric reporting, driven by a commitment to ethical journalism and continuous professional growth.