भारत और पाकिस्तान के बीच अरब सागर में हालिया नौसैनिक टकराव की चर्चा अभी थमी भी नहीं थी कि पाकिस्तान की नौसेना ने एक बड़ा सैन्य घटनाक्रम सामने रखा है। पाकिस्तान की नई हंगोर-क्लास पनडुब्बी PNS/M Hangor ने उत्तरी अरब सागर में पहली बार लाइव हथियार परीक्षण किया है। पाकिस्तान की सैन्य मीडिया विंग ISPR के मुताबिक, पनडुब्बी ने एक निर्धारित लंबी दूरी के लक्ष्य को एंटी-शिप क्रूज मिसाइल से सफलतापूर्वक निशाना बनाया। यह परीक्षण ऐसे समय हुआ है, जब दोनों देशों के बीच समुद्री गतिविधियों को लेकर तनाव की खबरें सामने आई हैं।
हंगोर पनडुब्बी ने पहली बार किया लाइव फायरिंग टेस्ट
पाकिस्तानी नौसेना के मुताबिक, PNS/M Hangor ने अपने पहले लाइव वेपन फायरिंग अभ्यास के दौरान निर्धारित लक्ष्य को सफलतापूर्वक भेदा। ISPR ने इसे पनडुब्बी की ऑपरेशनल तैयारियों और हथियार प्रणालियों की क्षमता के प्रदर्शन के तौर पर बताया है। पाकिस्तान के नौसेना प्रमुख एडमिरल नावेद अशरफ ने समुद्र में इस फायरिंग को देखा और पनडुब्बी की क्षमताओं की सराहना की।
हालांकि, पाकिस्तान ने सार्वजनिक रूप से इस्तेमाल की गई मिसाइल का नाम, उसकी सटीक मारक दूरी या परीक्षण में इस्तेमाल किए गए लक्ष्य की विस्तृत जानकारी जारी नहीं की है। इसलिए इन पहलुओं को लेकर फिलहाल आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
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चीन से मिली है हंगोर-क्लास पनडुब्बी
PNS/M Hangor पाकिस्तान और चीन के बीच चल रहे रक्षा सहयोग का हिस्सा है। यह हंगोर-क्लास की पहली पनडुब्बी है और जून 2026 में कराची पहुंची थी। पाकिस्तान की योजना इस श्रेणी की कुल आठ पनडुब्बियों को अपनी नौसेना में शामिल करने की है।
पाकिस्तान नौसेना के अनुसार, हंगोर-क्लास पनडुब्बियों में आधुनिक सेंसर, कॉम्बैट सिस्टम और एयर-इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन जैसी तकनीकों को शामिल किया गया है। इन पनडुब्बियों का उद्देश्य पाकिस्तान की समुद्री और अंडरवाटर युद्ध क्षमता को आधुनिक बनाना है।
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भारत-पाक नौसैनिक टकराव के बाद हुआ परीक्षण
हंगोर का यह परीक्षण भारत और पाकिस्तान के बीच अरब सागर में एक नौसैनिक टकराव की घटना के करीब दो सप्ताह बाद हुआ है। पाकिस्तान ने 15 सितंबर की घटना को लेकर भारतीय नौसैनिक पोत पर आरोप लगाए थे और इसे लेकर औपचारिक विरोध भी दर्ज कराया था। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि यह घटना उसके एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन में हुई और दोनों पोतों के बीच संपर्क हुआ।
वहीं, दोनों देशों के बीच इस घटना को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। इसलिए हंगोर के मिसाइल परीक्षण को सीधे उस नौसैनिक टकराव की प्रतिक्रिया के तौर पर पेश करना फिलहाल उचित नहीं होगा। पाकिस्तान की आधिकारिक जानकारी में भी इस परीक्षण को नियमित सैन्य तैयारी और ऑपरेशनल क्षमता के प्रदर्शन के रूप में बताया गया है।
पाकिस्तान ने बताया नौसैनिक क्षमता में अहम पड़ाव
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी इस लाइव फायरिंग पर नौसेना को बधाई दी। पाकिस्तान की ओर से इसे अपनी पनडुब्बी क्षमता और समुद्री सुरक्षा तैयारियों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया है।
इस घटनाक्रम से अरब सागर में दोनों देशों की नौसैनिक गतिविधियों पर ध्यान बढ़ गया है। हालांकि, एक सफल लाइव परीक्षण से किसी देश की पूरी नौसैनिक क्षमता या क्षेत्रीय सैन्य संतुलन में बदलाव का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगा। हंगोर-क्लास की आगे की तैनाती और पाकिस्तान की नौसैनिक गतिविधियों से जुड़ी आधिकारिक जानकारी से ही इसकी व्यापक तस्वीर स्पष्ट होगी।





