अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव अब सिर्फ दोनों देशों तक सीमित रहने की चिंता नहीं बढ़ा रहा, बल्कि इसके व्यापक क्षेत्रीय असर को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। इसी बीच ईरान के एक सांसद ने बेहद गंभीर चेतावनी दी है। तेहरान से सांसद कामरान गजानफरी ने कहा है कि मौजूदा हालात में मिडिल ईस्ट तीसरे विश्व युद्ध के कगार पर पहुंच गया है। उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध और दुनिया की बड़ी ताकतों के बीच बढ़ते तनाव को भी संभावित बड़े संघर्ष से जोड़कर देखा है।
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अमेरिका-ईरान तनाव के बीच आई चेतावनी
गजानफरी का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव एक बार फिर बढ़ा हुआ है। हाल के घटनाक्रमों में दोनों पक्षों के बीच हमले और जवाबी कार्रवाई तेज हुई है। अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी और खार्ग द्वीप के आसपास ईरान के पांच तेल टैंकरों को निशाना बनाया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इसे अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों पर ईरान की ओर से किए गए कथित मिसाइल हमलों के जवाब के तौर पर बताया है।
इसी बढ़ते टकराव को देखते हुए ईरानी सांसद ने स्थिति को गंभीर बताया है। उनका कहना है कि अगर मौजूदा संघर्ष का दायरा बढ़ता है और इसमें दूसरी बड़ी शक्तियां भी सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल होती हैं, तो इसके परिणाम सिर्फ मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहेंगे।
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रूस-यूक्रेन युद्ध का भी दिया हवाला
गजानफरी ने अपनी चेतावनी में रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, यूक्रेन को NATO देशों का समर्थन और रूस के साथ ब्रिटेन और जर्मनी जैसे यूरोपीय देशों का बढ़ता तनाव हालात को और जटिल बना रहा है।
ईरानी सांसद का तर्क है कि अगर अलग-अलग क्षेत्रों में चल रहे संघर्षों के बीच बड़ी सैन्य शक्तियों की सीधी टकराहट बढ़ती है, तो क्षेत्रीय युद्ध के बड़े अंतरराष्ट्रीय संघर्ष में बदलने का खतरा पैदा हो सकता है। यही वजह है कि उन्होंने मौजूदा हालात को तीसरे विश्व युद्ध की आशंका से जोड़ा है।
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अमेरिका के साथ समझौते के भी रहे हैं विरोधी
कामरान गजानफरी इससे पहले भी अमेरिका के साथ समझौते को लेकर कड़ा रुख अपना चुके हैं। उन्होंने इस साल जून में अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते यानी MoU की आलोचना की थी। उनका कहना था कि अमेरिका के साथ किसी भी समझौते की वैधता को लेकर सवाल उठते हैं और ईरानी वार्ता टीम को सुप्रीम लीडर की तय की गई सीमाओं को पार नहीं करना चाहिए।
गजानफरी ने अमेरिका और इजरायल की सैन्य गतिविधियों को लेकर पहले भी चिंता जताई है। उन्होंने दावा किया था कि अमेरिका ईरान के द्वीपों पर कब्जे की कोशिश कर सकता है। हालांकि, ये उनके राजनीतिक दावे और आकलन हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि को अलग से देखा जाना जरूरी है।
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बढ़ते संघर्ष से क्षेत्रीय असर की चिंता
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के साथ खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर भी चिंता बढ़ी है। रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दोनों देशों के बीच टकराव पहले ही अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय बन चुका है। हालिया घटनाक्रमों ने तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर संभावित असर की आशंका भी बढ़ाई है।
फिलहाल गजानफरी की ‘तीसरे विश्व युद्ध’ वाली टिप्पणी एक राजनीतिक चेतावनी है, लेकिन यह बयान उस समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच टकराव लगातार गंभीर हो रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास कितने प्रभावी होते हैं, इस पर पूरे क्षेत्र की नजर रहेगी।





