पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा खुलासा सामने आया है। बता दें कि हाल ही में तृणमूल कांग्रेस पार्टी और अभिषेक बनर्जी से जुड़ी कंपनी को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। इसी के साथ तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिन्ह को लेकर छिड़ी अंदरूनी लड़ाई अब बड़े वित्तीय घोटाले के आरोपों में बदल गई है।
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विधानसभा की बैठक में TMC के विपक्षी नेता ऋतब्रत बनर्जी पार्टी के अंदर चल रहे घोटाले का ऐलान किया है। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि पार्टी के खाते से करीब 30 करोड़ रुपए अभिषेक बनर्जी से जुड़ी बताई जा रही ‘लीप्स एंड बाउंड्स’ कंपनी में ट्रांसफर किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि TMC पार्टी फंड की आड़ में पैसा अपने व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए खाते से निकलने में जुटी है।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में सॉलिसिटर जनरल के बयान के बाद यह मामला देश के सबसे बड़े राजनीतिक घोटालों में से एक बन गया है। विपक्ष ने TMC पर निशाना साधते हुए कहा कि सिर्फ चुनाव चिह्न पर चर्चा मत करो, हर चीज के बारे में बोलो, फंड के बारे में भी बात करो। ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि पार्टी की नज़रें सिर्फ फंड पर टिकी है क्योंकि जब यह सब सामने आएगा कि पार्टी का पैसा भतीजे की कंपनी को भेजा जा रहा है, तो छवि को और भी ज्यादा नुकसान होगा। इसीलिए वे नैरेटिव बनाने की इतनी जल्दी में हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि “जब दोनों पक्षों ने इलेक्शन कमीशन को लिख दिया है तो इतनी जल्दी क्या है? इसलिए सबसे बड़ी संस्था और उसके आने वाले फैसले पर थोड़ा सब्र रखें।”
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आखिर क्या है 30 करोड़ रुपये का मामला?
सुप्रीम कोर्ट में सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के खाते से लगभग 30 करोड़ रुपये लीप्स एंड बाउंड्स नाम की कंपनी में ट्रांसफर किए गए हैं। अधिकारियों ने इसे कंपनी को शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच से जुड़ी कंपनी बताया। TMC के खाते में फंड जारी करने का मकसद यह भांपना था कि पैसा किस काम में इस्तेमाल हुआ और इस लेनदेन का शिक्षक भर्ती मामले से कोई संबंध है या नहीं, ये ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब जांच के आगे बढ़ने के बाद ही साफ होगा।
इसके अलावा अदालत ने कहा कि लीप्स एंड बाउंड्स की जांच में एजेंसियों ने पूछताछ और जांच को आगे बढ़ाने में काफी समय लगाया। जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने जांच एजेंसियों के रवैये पर नाराजगी जताते हुए उनकी धीमी कार्रवाई पर सवाल उठाया। अदालत ने यह भी कहा कि इस मामले में पहले भी कलकत्ता हाई कोर्ट के जज जांच की गति को लेकर चिंता जता चुके हैं।
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अभिषेक बनर्जी ने भी भाजपा पर उठाए सवाल
विपक्षी दल की यह टिप्पणी सुनकर अभिषेक बनर्जी ने भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्षी दलों को निशाना बनाने के लिए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने अपने X पर पोस्ट करते हुए कहा “भाजपा सरकार सिर्फ तीन दिन पहले हमारी पार्टी का साइन बोर्ड गैर-कानूनी तरीके से हटाने से ही संतुष्ट नहीं थी। आज, फायर सेफ्टी ऑडिट करने के लिए हमारे पार्टी ऑफिस में फायर डिपार्टमेंट को भेजा गया है और जाहिर है, साथ में कैमरे, पब्लिसिटी स्टंट और मीडिया का वही पुराना तमाशा भी है।”
इसके अलावा तृणमूल पार्टी के नेता ने भाजपा और चुनाव आयोग पर आपसी तालमेल का आरोप लगते हुए कहा कि जब भाजपा को 12,000 चुनावी मशीन जलने का सरकार को कोई दुख नहीं है,लेकिन विपक्षी पार्टी के कार्यालय पर फायर सेफ्टी को लेकर अचानक चिंता जाग उठी है।





