रक्षाबंधन की छुट्टी में स्कूलों में कार्यक्रम का विरोध, अभिभावकों और शिक्षकों ने उठाए सवाल

रक्षाबंधन के दिन स्कूल खोलकर कार्यक्रम कराने के फैसले पर झारखंड में अभिभावकों और शिक्षक संगठनों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि त्योहार के दिन बच्चों और शिक्षकों को स्कूल बुलाना ठीक नहीं है। विरोध करने वालों ने कार्यक्रम को किसी दूसरे कार्यदिवस पर कराने की मांग की है।

Palak Gupta

24 अगस्त 2026

1 min read
रक्षाबंधन की छुट्टी में स्कूलों में कार्यक्रम का विरोध, अभिभावकों और शिक्षकों ने उठाए सवाल

रक्षा बंधन हिंदुओं का एक ऐसा पवित्र त्योहार है जहां बहन अपने भाई की सारी बलाएं अपने सिर ले लेती है और भाई और भाई अपनी बेहेन को सुरक्षा देना का हर एक कदम उठाता है। भारत में रक्षा बंधन का बहुत बड़ा महत्व है और हर साल इस दिन पर सभी संस्थानों की छुट्टी भी होती है।

यह भी पढ़ें: मिडिल ईस्ट में L&T को मिला ₹15,000 करोड़ से ज्यादा का मेगा कॉन्ट्रैक्ट, गैस प्रोजेक्ट की संभालेगी पूरी जिम्मेदारी

बता दें कि हाल ही में झारखंड के जैंतगढ़ में 28 से 30 अगस्त तक राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम को लेकर रक्षा बंधन की छुट्टी रद्द किये जाने का विरोध शुरू हो गया है। समग्र शिक्षा विभाग के शिक्षा सचिव के आदेश के आलोक में 28 से 30 अगस्त तक स्कूलों में ‘खेलेगा भारत, जीतेगा भारत’ अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है।

28 अगस्त को रक्षा बंधन और 30 अगस्त को रविवार होने के बावजूद कार्यक्रम आयोजित करने के फैसले पर शिक्षकों, अभिभावकों और बच्चों ने नाराजगी जताई है। इस फैसले पर अभिभावकों और शिक्षक संगठनों का कहना है कि त्योहार के दिन बच्चों को स्कूल बुलाने से परिवारों की तैयारी और त्योहार मनाने की योजना प्रभावित होगी। 28 अगस्त 2026 को शुक्रवार के दिन रक्षाबंधन है और कई जगह इसे छुट्टी के तौर पर भी रखा गया है।

यह भी पढ़ें: 24 अगस्त की बड़ी खबरें: देश-दुनिया में क्या-क्या हुआ? हर अहम अपडेट एक नजर में

आखिर क्या है शिक्षकों और बच्चों के सवाल

राष्ट्रीय खेल दिवस के आयोजन पर कई शिक्षकों और विद्यार्थियों ने कहा है कि ‘खेलेगा भारत, जीतेगा भारत’ अभियान को रक्षा बंधन के बाद भी शुरू किया जा सकता है। शिक्षकों का कहना है कि त्योहार के दिन स्कूल आने से कई कर्मचारियों और शिक्षकों की पारिवारिक योजनाएं प्रभावित होंगी। इसके अलावा अगर किसी शिक्षक को त्योहार के कारण दूसरे शहर जाना है तो उसके लिए स्कूल पहुंचना मुश्किल हो सकता है।

शिक्षकों ने यह भी कहा कि राखी के दिन इस अभियान को शुरू करने की क्या आवश्यकता थी बल्कि विभाग ने यह भी वादा किया था कि रक्षा बंधन वाले दिन छुट्टी दी जाएगी लेकिन इस पर अमल नहीं किया गया है। वहीं दूसरी ओर शिक्षकों का कहना है कि ऐसी कई और घोषणाएं है जो पहले भी हुई है परंतु उसपर अमल नहीं किया गया है।

कार्यकर्ता पप्पू अहलूवालिया ने कहा कि रक्षा बंधन एक पवित्र पर्व है। उन्होंने कहा कि ओडिया क्षेत्र में गोमा पर्व भी धूमधाम से मनाया जाता है। ऐसे महत्वपूर्ण पर्व के दिन स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित करना उचित नहीं है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि बच्चों से जुड़े कार्यक्रमों को लेकर स्कूलों में पहले से काफी गतिविधियां होती रहती हैं। ऐसे में रक्षाबंधन के दिन कार्यक्रम कराने के बजाय इसे किसी सामान्य कार्यदिवस पर रखा जा सकता है। इससे बच्चों की उपस्थिति भी बेहतर रहेगी और शिक्षक भी बिना पारिवारिक परेशानी के कार्यक्रम में शामिल हो सकेंगे।

यह भी पढ़ें: न्यूजीलैंड में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर लगेगी रोक, नियम तोड़ने वाली कंपनियों पर भारी जुर्माने का प्रस्ताव

पहले भी अवकाश के दिन स्कूल संचालन का आरोप

कई शिक्षकों ने यह भी बताया कि इससे पहले भी पहले योग दिवस के अवसर पर अवकाश होने के बावजूद स्कूलों का संचालन कर कार्यक्रम कराया गया था। यहां तक कि विश्व आदिवासी दिवस के दिन भी छुट्टी के बावजूद स्कूलों में कार्यक्रम आयोजित करके स्कूल बुलाया गया।

भाजपा नेता सत्यपाल बेहरा और राई भूमिज ने भी फैसले का विरोध किया है। उन्होंने झारखंड सरकार पर तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए रक्षा बंधन के दिन आयोजित कार्यक्रम को रद्द करने और स्कूलों में छुट्टी देने की मांग की है।

Palak Gupta
लेखक परिचय
Palak Gupta
Palak Gupta is pursuing a Bachelor's in Journalism and Media Management and works as a News Writer at Khabar Mirror. She specializes in accurate,…और पढ़ें
Palak Gupta is pursuing a Bachelor's in Journalism and Media Management and works as a News Writer at Khabar Mirror. She specializes in accurate, credible, and reader-centric reporting, driven by a commitment to ethical journalism and continuous professional growth.

Leave a Comment