भारत की दिग्गज इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी लार्सन एंड टुब्रो यानी L&T ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी को मिडिल ईस्ट में 15,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का एक बड़ा गैस प्रोजेक्ट मिला है। इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत कंपनी गैस कंप्रेशन से जुड़ी सुविधाओं और जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण करेगी। L&T के लिए यह डील इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे विदेशों में उसके बड़े इंजीनियरिंग और एनर्जी प्रोजेक्ट्स का दायरा और मजबूत होगा।
कंपनी के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट का काम L&T Energy Hydrocarbon Onshore को सौंपा गया है। इसे EPC यानी Engineering, Procurement and Construction मॉडल पर पूरा किया जाएगा। इसका मतलब है कि प्रोजेक्ट की डिजाइन तैयार करने से लेकर जरूरी सामान और मशीनरी की खरीद तथा निर्माण का काम L&T की जिम्मेदारी होगी।
कंपनी ने अभी तक इस प्रोजेक्ट के मिडिल ईस्ट स्थित क्लाइंट या संबंधित देश का नाम सार्वजनिक नहीं किया है। यह कॉन्ट्रैक्ट वित्त वर्ष 2026 में जारी किए गए Letter of Award के आधार पर मिला है।
L&T के नियमों के अनुसार, 15,000 करोड़ रुपये से अधिक के ऑर्डर को ‘अल्ट्रा-मेगा’ प्रोजेक्ट की श्रेणी में रखा जाता है। इसलिए यह ऑर्डर कंपनी के लिए सामान्य कॉन्ट्रैक्ट से काफी बड़ा है। इस खबर के सामने आने के बाद शेयर बाजार में भी L&T के शेयर पर असर देखने को मिला। हालांकि शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहता है, इसलिए केवल इस खबर के आधार पर निवेश का फैसला करना उचित नहीं होगा।
गैस प्लांट में क्या काम होगा?
इस बड़े प्रोजेक्ट के तहत मिडिल ईस्ट में नए ऑनशोर गैस प्रोसेसिंग और कंप्रेशन प्लांट तैयार किए जाएंगे। इन प्लांटों में ‘सॉर गैस’ को प्रोसेस करने की व्यवस्था होगी। सॉर गैस ऐसी प्राकृतिक गैस होती है जिसमें हाइड्रोजन सल्फाइड जैसी अशुद्धियां मौजूद हो सकती हैं, इसलिए इसे प्रोसेस करने के लिए विशेष तकनीक और सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत होती है।
प्रोजेक्ट में गैस इनलेट सुविधाएं, गैस कंप्रेशन सिस्टम, कंडेनसेट और उत्पादित पानी को संभालने वाली व्यवस्था तथा प्रोपेन रेफ्रिजरेशन सिस्टम जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा प्लांट को सुचारू रूप से चलाने के लिए जरूरी अन्य यूटिलिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार किया जाएगा।
बिजली व्यवस्था भी होगी मजबूत
इतने बड़े गैस कंप्रेशन प्लांट को लगातार बिजली की जरूरत होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए L&T के Power Transmission & Distribution बिजनेस को भी प्रोजेक्ट में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। कंपनी यहां 230 किलोवोल्ट क्षमता वाले दो Extra-High-Voltage सबस्टेशन बनाएगी। इन सबस्टेशनों की मदद से गैस प्लांट को जरूरी बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
L&T के लिए क्यों खास है यह डील?
यह प्रोजेक्ट L&T की अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी को और मजबूत करने वाला माना जा रहा है। कंपनी पहले से ही रिफाइनरी, पेट्रोकेमिकल, गैस प्रोसेसिंग, फर्टिलाइजर, LNG और पाइपलाइन जैसे कई बड़े एनर्जी प्रोजेक्ट्स पर काम कर चुकी है। इस नए ऑर्डर में हाइड्रोकार्बन इंजीनियरिंग और पावर ट्रांसमिशन दोनों क्षेत्रों की विशेषज्ञता एक साथ इस्तेमाल होगी। इससे कंपनी को बड़े और जटिल ऊर्जा प्रोजेक्ट्स को एकीकृत तरीके से पूरा करने की क्षमता दिखाने का मौका मिलेगा।
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L&T Energy Hydrocarbon Onshore के वरिष्ठ अधिकारी ई. एस. सत्यनारायणन के अनुसार, यह कॉन्ट्रैक्ट रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। इससे गैस कंप्रेशन क्षमता और संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर में विस्तार होगा। कंपनी के पास जटिल हाइड्रोकार्बन प्रोजेक्ट्स को पूरा करने का लंबा अनुभव है, जिसका फायदा इस प्रोजेक्ट में भी मिलेगा।
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कुल मिलाकर, मिडिल ईस्ट में मिला यह 15,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का अल्ट्रा-मेगा गैस प्रोजेक्ट L&T के लिए बड़ी कारोबारी उपलब्धि है। इससे न सिर्फ कंपनी की अंतरराष्ट्रीय पहचान मजबूत होगी, बल्कि वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र में उसकी इंजीनियरिंग और निर्माण क्षमता को भी बढ़ावा मिलेगा। आने वाले समय में इस तरह के बड़े अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स L&T के कारोबार और वैश्विक विस्तार के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।





