झारखंड के पलामू इलाके में मानसून के दौरान सांपों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं। इसी बीच ग्रीन पिट वाइपर को लेकर लोगों में चर्चा तेज हो गई है। यह सांप देखने में बेहद खूबसूरत और चमकीले हरे रंग का होता है, लेकिन यह जहरीली प्रजाति से जुड़ा हुआ है। पलामू जैसे जंगल और हरियाली वाले इलाकों में बारिश के समय इसके दिखाई देने की संभावना बढ़ सकती है। ग्रीन पिट वाइपर को आमतौर पर पेड़ों और झाड़ियों पर रहने वाला सांप माना जाता है।
हरे रंग की वजह से आसानी से नहीं आता नजर
ग्रीन पिट वाइपर की सबसे खास बात उसका हरा रंग है। जंगल और पेड़ों की पत्तियों के बीच इसका शरीर आसानी से छिप जाता है। यही वजह है कि कई बार लोग इसके बेहद करीब पहुंचने के बाद भी इसे देख नहीं पाते। यह सांप जमीन के बजाय पेड़ों, झाड़ियों और दूसरी ऊंची जगहों पर रहना पसंद करता है। इसकी यह आदत इसे दूसरे सामान्य सांपों से अलग बनाती है।

पलामू और आसपास के वन क्षेत्र में बारिश के बाद पेड़-पौधों और झाड़ियों में नमी बढ़ जाती है। ऐसे वातावरण में सांपों की गतिविधियां भी बढ़ सकती हैं। सोशल मीडिया पर पलामू टाइगर रिजर्व के आसपास ग्रीन पिट वाइपर की तस्वीरें और वीडियो भी सामने आते रहे हैं।
जहरीला होता है ग्रीन पिट वाइपर
ग्रीन पिट वाइपर वाइपर परिवार का सांप है और इसकी कई प्रजातियां जहरीली होती हैं। भारत में पाए जाने वाले इंडियन ग्रीन पिट वाइपर को बांस पिट वाइपर या इंडियन ट्री वाइपर जैसे नामों से भी जाना जाता है। इसका शरीर सामान्य तौर पर हरे रंग का होता है और कुछ प्रजातियों में शरीर के किनारे अलग रंग की धारियां भी दिखाई दे सकती हैं।
हालांकि किसी भी सांप को देखकर बिना विशेषज्ञ की पहचान के उसकी प्रजाति तय नहीं करनी चाहिए। अलग-अलग इलाकों में दिखने वाले हरे सांप एक जैसे नजर आ सकते हैं, लेकिन उनकी प्रजाति और जहरीलापन अलग हो सकता है।
मानसून में क्यों बढ़ जाता है खतरा?
बारिश के मौसम में सांप अपने छिपने के स्थानों से बाहर निकल सकते हैं। पानी भरने या रहने की जगह में बदलाव होने के कारण वे पेड़ों, झाड़ियों, घरों के आसपास और दूसरी सुरक्षित जगहों की ओर जा सकते हैं। ग्रामीण इलाकों में लकड़ी, घास, पत्तियों और झाड़ियों के पास काम करने वाले लोगों को इस दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
ग्रीन पिट वाइपर के मामले में पेड़ों और झाड़ियों पर ध्यान देना जरूरी है, क्योंकि इसका हरा रंग पत्तियों के बीच इसे लगभग छिपा देता है। इसलिए जंगल या खेत में जाते समय बिना देखे किसी पेड़ की डाल, झाड़ी या पत्तियों को हाथ लगाने से बचना चाहिए।
सांप दिखे तो क्या करें?
अगर घर या आसपास ग्रीन पिट वाइपर या कोई दूसरा सांप दिखाई दे तो उसे पकड़ने या मारने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। सुरक्षित दूरी बनाए रखना सबसे जरूरी है। स्थानीय वन विभाग या प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम की मदद लेना बेहतर होता है।\
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अगर किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो घरेलू इलाज या झाड़-फूंक में समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। पीड़ित व्यक्ति को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना जरूरी है। सांप को पकड़ने की कोशिश करने के बजाय उसकी पहचान के लिए सुरक्षित दूरी से फोटो लेना भी तभी उचित है, जब ऐसा करना बिल्कुल सुरक्षित हो।
लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
पलामू जैसे वन क्षेत्र में जैव विविधता काफी महत्वपूर्ण है और सांप भी पारिस्थितिकी तंत्र का हिस्सा हैं। इसलिए हर सांप को खतरा समझकर मारना सही नहीं है। जरूरत इस बात की है कि लोग जहरीले और गैर-जहरीले सांपों के बारे में सही जानकारी रखें और मानसून के दौरान सावधानी बरतें।
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ग्रीन पिट वाइपर दिखने में जितना आकर्षक है, उतना ही सावधानी की मांग भी करता है। खासकर बारिश के मौसम में जंगल, खेत और झाड़ियों वाले क्षेत्रों में जाते समय सतर्क रहना जरूरी है। सही जानकारी और सावधानी से इंसान और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा की जा सकती है।





