संसद के मानसून सत्र और जंतर मंतर प्रदर्शन के बाद कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक ओर मोर्चा खोल दिया है। बता दें कि हाल ही में हुए संसद सेशन के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू से मुलाकात के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को साफ कर दिया कि अमित शाह के बयान और चंदा चोरी के मुद्दे पर चर्चा के बिना संसद की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ेगी। खास तौर पर इस मुलाकात का कारण परिसीमन बिल था।
बताया जा रहा है कि राहुल गांधी एक ही सप्ताह में किरेन रिजीजू से दूसरी बार मिल रहे हैं। इसके अलावा यह भी खबर आ रही है कि सरकार लगातार विपक्ष को मनाने की कोशिश कर रही है मगर संसद में हंगामा बरकरार है। इस मुद्दे पर जवाब में राहुल गांधी ने कहा कि, पार्टी में चर्चा के बाद वे अपनी स्थिति बताएंगे।
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वहीं दूसरी ओर संसद के मानसून सत्र में बुधवार को अनुच्छेद 370 को लेकर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। सदन में जैसे ही जम्मू-कश्मीर से जुड़े मुद्दों पर बहस शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी को लेकर सवाल उठाए और सरकार से जवाब मांगा।
बताया जा रहा है कि विपक्षी सांसदों ने सुबह से ही गांधी प्रतिमा के सामने जमा होकर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया है। वहां से उन्होंने मकर द्वार तक मार्च निकाला। मार्च के दौरान विपक्षी नेता जोरों से नारेबारी करते नजर आ रहे थे। पूरा दल “चंदा चोरी पर चर्चा करो”, “अमित शाह जवाब दो” के नारे लगाता हुआ नजर आया।

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नारों की आवाज़ों से पूरा संसद गूंज उठा यहीं तक नहीं बल्कि विपक्षी दल सांसदों के कुर्सियां थपथपाने, हाथ उठा-उठाकर विरोध जताने लगे जिसके कारण स्पीकर की आवाज दब गई और यह हालत को देख आज की संसद मीटिंग स्थगित कर दी गई।
विपक्ष ने साफ़ शब्दों में स्पष्ट किया कि जब तक संसद में अमित शाह बयान नहीं देते और चंदा चोरी के मुद्दे पर बात नहीं होती तब तक वे संसद को शांतिपूर्वक चलने नहीं देंगे। किरेन रिजीजू समेत कई मंत्री विपक्षी नेताओं से संपर्क में भी हैं। लेकिन विपक्ष अपनी मांगों पर पूरी तरह अड़ा हुआ दिख रहा है जिसके कारण लगातार कई दिनों से सदनों में भारी हंगामा मच रहा है।
बता दें कि यह संसदीय विरोध अभी भी जारी है और आज हंगामे की तीव्रता दुगनी हो गई है क्योंकि पूरे विपक्ष ने आज एकजुट होकर मार्च निकाला। इसी के साथ विपक्ष ने आर्टिकल 370 का मुद्दा भी छेड़ दिया। दरअसल लोकसभा में अनुच्छेद 370 से जुड़े विषय पर चर्चा निर्धारित थी। विपक्ष का कहना था कि जब इतना महत्वपूर्ण विषय सदन में उठाया जा रहा है तो गृह मंत्री को विस्तृत जवाब देना चाहिए।
संसद का मानसून सत्र अभी जारी है और माना जा रहा है कि विपक्ष आने वाले दिनों में भी इस मुद्दे को उठाता रहेगा और ऐसे ही तनाव बढ़ाता रहेगा और जब तक विपक्ष की मुख्य मांगें पूरी नहीं होतीं, संसद का माहौल तनावपूर्ण बना रहने की ही उम्मीद है।




