यूरोप में प्रवासियों को लेकर एक बार फिर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। स्पेन के उत्तरी अफ्रीकी क्षेत्र ceuta मैं भारी संख्या में प्रवासियों की पहुंचने के बाद हालात तनाव पूर्ण हो गए। रिपोर्टर्स के मुताबिक मोरक्को की तरफ से बड़ी संख्या में लोग Ceuta मैं दाखिल होने की कोशिश करते देखे गए अचानक बड़ी भीड़ के कारण स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों पर दबाव बढ़ गया स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्पेन को सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करनी पड़ी।
24 घंटे में हजारों लोगों के पहुंचने का दवा
स्पेन के Ceuta मैं सामने आई स्थिति के बेहद गंभीर खबर सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार करीब 84 हजार की आबादी वाले इस क्षेत्र में 24 घंटे के भीतर लगभग 60000 प्रवासियों के पहुंचने का दावा किया गया हालांकि दूसरे अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट में भी करें 60000 लोगों की सीमा पार करने की बात बताई जा रही है लेकिन इस संख्या और घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
बताया गया कि कई लोगों ने जमीन के रास्ते सीमा पार करने की कोशिश की जबकि कुछ लोग समुद्र में तैयार कर स्पेन के इलाके तक पहुंचे। मोरक्को की सुरक्षा एजेंसियों ने भीड़ को रोकने के लिए कार्रवाई की स्पेन की ओर से बड़ी संख्या में लोगों के वापस मोरक्को लौटने की जानकारी दी गई एक रिपोर्ट के मुताबिक करीब 25000 लोग वापस लौट चुके थे।
सुरक्षा व्यवस्था बढ़ानी पड़ी
बड़ी संख्या में लोगों ने अचानक पहुंच कर Ceuta के सामने मुश्किलें बढ़ा दी गई हालात को संभालने के लिए स्पेन ने अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने भी Ceuta का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया उन्होंने इस घटना को गंभीर मामला बताया।
Ceuta की तिथि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह अफ्रीका महाद्वीप में स्पेन का क्षेत्र है और यहां से यूरोपीय संघ की सीमा शुरू होती है इसी वजह से अफ्रीका के यूरोप पहुंचने की कोशिश करने वाले प्रवासियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण रास्ता माना जाता है आर्थिक परेशानी रोजगार की कमी और बेहतर भविष्य की तलाश में कई लोग यूरोप जाने की कोशिश करते हैं।
इटली ने उठाया बड़ा कदम।
Ceuta संकट का असर अब यूरोप के दूसरे देशों पर भी दिखाई देने लगा है इटली में स्पेन से आने वाले यात्रियों पर शेंगेन व्यवस्था के तहत मिलने वाली सामान्य सुविधा को अस्थाई रूप से सीमित करने का फैसला किया है इसका तहत खास तौर पर गैर यूरोपीय यात्रियों की जांच बढ़ाई जा सकती है इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार लंबे समय से अवैध प्रवासन को लेकर सख्त रूप अपनाती रही है।
फ्रांस ने भी स्पेन से जुड़ी सीमा पर निगरानी और जांच बढ़ाने का फैसला किया है यूरोप में इस कदम को प्रावधान संकट के बढ़ते असर के रूप में देखा जा रहा है इटली के फैसले पर स्पेन ने भी नाराजगी दिखाई है।
कोर्ट के फैसले से भी जुड़ा मामला।
इस संकट के पीछे संभावित कर्म में स्पेन के सुप्रीम कोर्ट का हाल या फैसला भी बताया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार Ceuta पहुंचने की कोशिश के दौरान समुद्र में रोके गए प्रवासियों को कुछ परिस्थितियों में तुरंत वापस भेजने की प्रक्रिया पर कानूनी पाबंदियां दी है ऐसी खबरों के बाद कुछ लोगों में यह धारणा बन सकती है कि स्पेन पहुंचने पर उन्हें तुरंत वापस नहीं भेजा जाएगा।
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हालांकि प्रवासी संकट को केवल एक कारण से जोड़ना सही नहीं होगा। आर्थिक समस्याएं रोजगार की कमी मानव तस्करी के नेटवर्क और यूरोप पहुंचने की उम्मीद जैसे कई कारण प्रवासन के पीछे हो सकते हैं।
यूरोप के लिए बड़ी चुनौती।
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Ceuta की घटना ने यूरोप में प्रावधान नीति सीमा सुरक्षा और शेंगेन व्यवस्था को लेकर नहीं वह शुरू कर दी है एक तरफ यूरोपीय देश अपनी सीमाओं को लेकर सुरक्षित रखना और अवैध प्रवेश रोकने के लिए जोर दे रहे हैं वहीं दूसरी तरफ मानव अधिकार संगठनों की चिंता प्रवासियों की सुरक्षा और उनकी कानूनी अधिकारों को लेकर है।





