पश्चिम एशिया में तनातनी एक बार फिर आग पकड़ते नजर आ रही है। लगातार 13 दिन के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जब ईरान को बात करने का मौका दिया तो ईरान ने हमलों से जवाबदेही की। इसके अलावा हाल में हुए यूक्रेनी हमले के कारण ईरान को पहुंचे नुकसान के लिए ईरान ने यूक्रेन से मुआवजे की मांग की है। इस पर तेहरान की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि यूक्रेन इस घटना में हुए ‘नुकसान की भरपाई’ करे। इस मांग के साथ ही ईरान ने अपनी तरफ से तनाव बढ़ाने वाली कार्रवाई न करने का आश्वासन भी दिया है।
कैस्पियन सागर में जहाज पर हमला मामले में नुकसान की भरपाई की मांग कर रहे ईरान ने एक बार फिर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर सख्त रुख अपनाया है। इस तनातनी ने सभी देशों के मन में सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर होमुर्ज पर बढ़ते तनाव को विराम कब लगेगा।
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अमेरिका-ईरान के दो दिन के युद्धविराम के बीच एक बार फिर से हमलों का दौर शुरू हो गया है। अमेरिकी सेना ने आरोप लगाया है कि ईरान सैन्य समूहों ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की कोशिश की। इसके बाद अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक में ईरान के कई ठिकानों पर हवाई हमले किए।
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ईरान ने नाकारा बातचीत का प्रस्ताव
बता दें कि इस सप्ताह मिडिल ईस्ट में जारी सैन्य तनाव शांत होने की कगार पर था क्योंकि अमेरिका के राष्ट्रपति ने दो दिन पहले ईरान पर हमलों की बरसात रोक कर बातचीत का प्रस्ताव रखा था। इंटरनेशनल रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक तनाव को विराम देने की बात की थी। लेकिन आज ईरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन बातचीत के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। इसके अलावा ईरान ने चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य का नियंत्रण पूरी तरह से ईरान के हाथ में रहेगा और इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को खोलने की कोशिश करने वाला कोई भी यूरोपीय नौसैनिक जहाज ईरानी सेना का ‘वैध निशाना’ बनेगा।
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अमेरिकी सैनिकों पर ईरान का हमला
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, हाल के हफ्तों में अमेरिकी सैनिकों और सऊदी ऊर्जा क्षेत्रों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों की कई कोशिशें हुई थीं। जवाबी कार्रवाई में इराक स्थित उन ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिन्हें अमेरिका ईरान समर्थित सशस्त्र समूहों का अड्डा बता रहा है। इसके अलावा हाल ही में अमेरिका ने आरोप लगाया है कि ईरान ने मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।
अमेरिका का कहना है कि यह अचानक किया गया हमला था, लेकिन उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने सभी मिसाइलों को रास्ते में ही मार गिराया है। ईरानी हमलों का यह प्रदर्शन साफ दिखा रहा है कि वह अन्य देशों से कह रहा है कि होमुर्ज स्ट्रेट पर अपना नियंत्रण बनाए रखने के लिए जरूरत पड़ने पर किसी भी कदम से पीछे नहीं हटेगा।
शांति की उम्मीदों को झटका
कुछ दिन पहले तक कूटनीतिक बातचीत के जरिए हालात सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन ताजा घटनाओं ने एक बार फिर पूरे पश्चिम एशिया को अस्थिर कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि दोनों पक्ष सैन्य कार्रवाई का सिलसिला जारी रखते हैं, तो इसका असर केवल क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री व्यापार और कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ सकता है।





