मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान सामने आ रहा है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से सीधे सवाल करेंगे की कहीं रूस अमेरिका पर हो रहे सैन्य ठिकानों पर हमलों का भागीदार तो नहीं है। दरअसल अमेरिका को यह शक तब हुआ जब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के उस आरोप के बाद आया है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि रूस सैटेलाइट के जरिए खाड़ी देशों और वहां मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों की निगरानी कर उसकी तस्वीरें ईरान तक पहुंचा रहा है।
अमेरिका के राष्ट्रपति ने तभी निर्णय लिया की वह पुतिन से वार्ता कर पूछेंगे कि क्या रूस ईरान को अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने में मदद कर रहा है। बता दें कि कुछ दिन पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस को लेकर एक ऐसा सनसनीखेज दावा किया है, जिसने अमेरिका से लेकर खाड़ी देशों तक के होश उड़ा दिए हैं।
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यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की का आरोप है कि रूस अब केवल यूक्रेन तक सीमित नहीं है, बल्कि वह अमेरिका और खाड़ी देशों में बने सैन्य ठिकानों की सैटेलाइट तस्वीरें और खुफिया जानकारियां सीधे ईरान को सौंप रहा है, ताकि वहां सटीक हमले किए जा सकें।
जेलेंस्की ने कहा, “हमारी खुफिया एजेंसी की रिपोर्ट बताती है कि रूसी सैटेलाइट्स से ली गई तस्वीरों और ईरान के हमलों के बीच एक सीधा कनेक्शन है। हमले की योजना बनाने से लेकर हमला करने और बाद में हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए इन्हीं रूसी सैटेलाइट इमेज का इस्तेमाल हो रहा है। “
इसके बाद जेलेंस्की ने यह खुलासा भी किया है कि यूक्रेन युद्ध के मैदान में तबाही मचाने के लिए रूस जल्द ही उत्तर कोरिया के 30,000 सैनिकों को अपनी सेना में शामिल करने जा रहा है।
एयर फोर्स-1 में पत्रकारों से बातचीत के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि” हम पता लगा लेंगे इसके पिछले किसका हाथ है , मैं पुतिन से इस विषय पर चर्चा करूँगा ” हालांकि यूक्रेन द्वारा दी गई इस इनफार्मेशन से अमेरिका को कुछ खास लाभ नहीं होगा क्योंकि अमेरिका की सेना ने ईरान की सैन्य श्रमता को काफी नुकसान पहुंचाया है।
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रूस के आरोप के बीच कूटनीति पर जोर
रूस के आरोप के बीच ट्रंप ने यह भी बयान दिया कि वह हमलों को कुछ समय के लिए विराम देते हुए ईरान को बातचीत का एक मौका देना चाहते हैं और कूटनीतिक समाधान की ओर कदम बढ़ाने की सोच रहे है। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरान से विनम्रता के साथ कहा की मिलकर बात करते हैं। इसी बीच अमेरिका ने दावा किया है, अगर ईरान समझौते की तरफ नहीं मुड़ता है तो अमेरिकी सेना फिर से हमलों की बरसात ईरान पर करेगी।
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ट्रंप का आया ताजा बयान
हाल ही में ट्रंप ने बयान देते हुए कहा कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उन्हें आश्वासन दिया है कि वे इस संघर्ष में शामिल नहीं हैं। इससे पहले कई अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स ने दावे किए थे कि रूस ने मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य ठिकानों से जुड़ी जानकारी ईरान के साथ साझा की है और चीन की भूमिका को लेकर भी ऐसी रिपोर्टें सामने आई जिसके ठोस सबूत नहीं थे। इस पर ट्रंप ने पहले कहा था कि उन्हें विश्वास नहीं है कि रूस या चीन ईरान की सक्रिय रूप से मदद कर रहे हैं। लेकिन आश्वासन मिलने के बाद अब उनका भरोसा और दृढ़ हो गया है।




