मेदांता शिफ्ट होने से पहले वांगचुक ने सफदरजंग अस्पताल पर लगाए उत्पीड़न के आरोप, अस्पताल ने दी सफाई

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान दुर्व्यवहार और उत्पीड़न का आरोप लगाया। अस्पताल प्रशासन ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि मरीज को सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं।

Palak Gupta

25 जुलाई 2026

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मेदांता शिफ्ट होने से पहले वांगचुक ने सफदरजंग अस्पताल पर लगाए उत्पीड़न के आरोप, अस्पताल ने दी सफाई

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 25 जुलाई को पिछले कुछ दिनों में बीते घटनाक्रमों पर अपने भाव प्रकट करते हुए यूट्यूब पर एक वीडियो पोस्ट किया है  जिसकी एक क्लिप में वांगचुक सफदरजंग अस्पताल से बाहर जाने को लेकर एक सुरक्षाकर्मी से बहस करते दिखाई दे रहे हैं।

इस वीडियो पर अपनी टिप्पणी देते हुए सफदरजंग अस्पताल के अधिकारियों ने कहा कि यह वीडियो अस्पताल प्रशासन को उच्च न्यायालय का लिखित आदेश मिलने से पहले रिकॉर्ड किया गया था। दिल्ली उच्च न्यायालय ने वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल ले जाए जाने की अनुमति दी थी।

सफदरजंग अस्पताल के अनुसार डिस्चार्ज के समय सोनम वांगचुक के वाइटल पैरामीटर स्थिर थे लेकिन पैंसाइटोपेनिया की स्थिति बनी हुई थी और उनके रक्त में पोटेशियम का स्तर 3.4 mEq/L दर्ज किया गया था।

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क्या बोले सोनम वांगचुक ?

मेदांता अस्पताल पहुंचने से पहले वांगचुक ने दावा किया कि सफदरजंग अस्पताल में उन्हें अपेक्षित माहौल नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि इलाज के दौरान कई बार उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया गया और अस्पताल में उनके साथ ऐसा व्यवहार हुआ, जिससे वे खुद को असहज महसूस कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मरीज की गरिमा और सम्मान का हर परिस्थिति में ध्यान रखा जाना चाहिए।

बता दें कि प्रदर्शन के बीच भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक की हालत गंभीर होते देख सुप्रीम कोर्ट ने सख्त आर्डर जारी करते हुए कहा कि सोनम की हेल्थ को निरंतर मॉनिटर किया जाए जिसके कारण 18 जुलाई को वांगचुक को जंतर-मंतर स्थित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन स्थल से जबरन सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया था। वांगचुक प्रश्नपत्र लीक मामलों में जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की कॉजपा की मांगों के समर्थन में 28 जून को अनशन पर बैठे थे।

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वीडियो के जरिए सामने आई बात

दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद उन्हें 21 जुलाई को मेदांता अस्पताल ले जाया गया। वीडियो में वांगचुक को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि प्रशासन या तो उन्हें गिरफ्तार करे या फिर अस्पताल से जाने दे। वांगचुक वीडियो में कहते हैं कि आप मुझे परेशान कर रहे हैं अगर परेशानी के कारण मेरी मौत हो गई तो इसकी जिम्मेदारी आपकी होगी। वीडियो के एक अन्य हिस्से में वह कहते सुनाई देते हैं, अगर गिरफ्तार करना है तो कर लीजिए, लेकिन मैं यहां से जा रहा हूं।

सफदरजंग ने भी दिया बयान

अस्पताल प्रशासन ने कहा कि यह वीडियो उस समय रिकॉर्ड किया गया था, जब अस्पताल प्रशासन को उच्च न्यायालय का लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुआ था। उस समय वांगचुक मीडिया में आई जानकारी के आधार पर अस्पताल से जाने पर जोर दे रहे थे।

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मेदांता में जारी है इलाज

मेदांता अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों की टीम लगातार वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रख रही है। अस्पताल की ओर से फिलहाल विस्तृत मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया गया है, लेकिन बताया गया है कि उनकी स्थिति स्थिर है और कई स्पेशलिस्ट की निगरानी में इलाज चल रहा है।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। वांगचुक के समर्थक उनके आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि कई लोगों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन की सफाई और आधिकारिक तथ्यों का भी इंतजार किया जाना चाहिए।

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Palak Gupta is pursuing a Bachelor's in Journalism and Media Management and works as a News Writer at Khabar Mirror. She specializes in accurate,… और पढ़ें
Palak Gupta is pursuing a Bachelor's in Journalism and Media Management and works as a News Writer at Khabar Mirror. She specializes in accurate, credible, and reader-centric reporting, driven by a commitment to ethical journalism and continuous professional growth.

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