सिंधु जल समझौते पर भारत का बड़ा खुलासा, पाकिस्तान से बातचीत की कोशिश हुई, लेकिन…

भारत ने सिंधु जल संधि पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को समर्थन मिलने तक मौजूदा स्वरूप में यह संधि लागू नहीं रह सकती।

Shakshi Chauhan

21 जुलाई 2026

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सिंधु जल समझौते पर भारत का बड़ा खुलासा, पाकिस्तान से बातचीत की कोशिश हुई, लेकिन...

भारत ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि अपने मौजूदा स्वरूप में आगे नहीं चल सकती है भारत का कहना है कि जब पाकिस्तान सीमा पर आतंकवाद का समर्थन बंद नहीं करता जब तक इस समझौते को पहले की तरह लागू करना संभव नहीं है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच रिश्ते में तनाव बना हुआ है।

भारत में सिंधु जल संधि पर अपनाया सख्त रुख

विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौता की सफलता दोनों देशों के बीच भरोसा और सहयोग पर निर्भर करती है लेकिन पाकिस्तान की ओर से लगातार आतंकवाद देखने में समर्थन मिलने के कारण यह भरोसा पूरी तरह कमजोर हो चुका है ऐसे माहौल में सिंधु जल संधि को पुराने रूप में जारी रखना व्यावहारिक नहीं माना जा सकता।

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Pakistan
Pakistan Minister Images: Wikimedia

सिंधु जल संधि भारत और पाकिस्तान के वर्ष 960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता से हुई थी। इस समझौते के तहत सिंधु नदी प्रणाली की 6 प्रमुख नदियों के जल के उपयोग को दोनों देशों के बीच बांटा गया था लंबे समय तक किया संधि दोनों देशों के बीच सहयोग का एक महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जा रही थी।
भारत का कहना है कि पिछले कहीं वर्षों में हल पूरी तरह बदल चुके हैं सीमा पर आतंकवाद बढ़ता ही जा रहा है सुरक्षा चुनौती जलवायु परिवर्तन बढ़ती आबादी और पानी की बढ़ती जरूरत हो को देखते हुए संधि की समीक्षा जरूरी हो गई है।

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क्यों कहा गया कि मौजूदा स्वरूप में संधि संभव नहीं है?

सरकार का मानना है कि पुराने नियम आज की परिस्थितियों के अनुरूप नहीं है। भारत ने ये भी कहा कि उसने पहले भी पाकिस्तान को संधि में संशोधन और बातचीत के लिए नोटिस भेजा था लेकिन इस दिशा में कोई सकारात्मक प्रवृत्ति नहीं हुई इसके अलावा आतंकवाद पर भी पाकिस्तान की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की गई इसी कारण भारत ने संधि को वर्तमान स्थिति में आगे बढ़ने से इनकार कर दिया।

भारत का रुख है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवादी के खिलाफ विश्वसनीय और स्थाई कदम नहीं उठाता तब तक सामान्य सहयोग की उम्मीद नहीं की जा सकती सरकार का मान्य है कि आतंकवाद और द्विपक्षीय सहयोग एक साथ नहीं चल सकते। दूसरी और पाकिस्तान लगातार इस संधि को बंद करने की मांग कर रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन जताने की कोशिश कर रहे हैं हालांकि भारत का कहना की यह दोनों देशों के बीच का विषय है और इसके सबसे बड़ी शर्त आतंकवाद पर प्रभावी कार्रवाई है।

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विशेषज्ञों का मानना है कि सिंधु जल संधि केवल पानी के बंटवारे का समझौता नहीं है बल्कि भारत पाकिस्तान संबंधों का एक महत्वपूर्ण आधार भी है।
लेकिन मौजूदा हालात में दोनों देशों के बीच विश्वास की कमी के कारण इस संधि का भविष्य निश्चित नजर आ रहा है।

Shakshi Chauhan
लेखक परिचय
Shakshi Chauhan
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Shakshi Chauhan is a college student with a strong passion for writing and creative expression. She enjoys turning her ideas into engaging, relatable stories and often writes about trending and thought-provoking topics. Through her work, she aims to connect with readers while continuously improving her skills as a writer.

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