दिल्ली में संसद मार्च के दौरान सोमवार को बड़ा राजनीतिक, सामाजिक घटनाक्रम देखने को मिला प्रदर्शनकार्यों और दिल्ली पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए इस बीच भीम आर्मी प्रमुख और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद जंतर मंतर में पहुंचे और धरने पर बैठकर प्रदर्शन कार्यों का समर्थन किया।
उन्होंने सरकार से प्रदर्शनकारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने और पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष से जांच करने की मांग की। जानकारी के अनुसार बड़ी संख्या में छात्र योग और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग संसद की ओर मार्च कर रहे थे प्रदर्शन कार्यों का कहना था कि वह अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से सरकार तक पहुंचाना चाहते थे हालांकि संसद क्षेत्र की ओर बढ़ने के दौरान पुलिस ने उन्हें बैरिकेड लगाकर रोक दिया इसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का मुखी और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

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प्रदर्शन कार्यों और दिल्ली पुलिस के बीच हुई झड़प
स्थिति बिगड़ने पर दिल्ली पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठी चार्ज और अन्य भीड़ नियंत्रित उपाय का इस्तेमाल भी किया इस दौरान कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए जबकि पुलिस कर्मियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा तोड़ने की कोशिश की जिसके कारण कार्रवाई करनी पड़ी वहीं प्रदर्शन कार्यों का आरोप है कि वह शांतिपूर्ण तरीके से मार्च कर रहे थे और उन पर जरूर से ज्यादा बल प्रयोग किया गया था।
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चंद्रशेखर आजाद जंतर मंतर पर धरने पर बैठे
घटना के बाद चंद्रशेखर आजाद जंतर मंतर पहुंचे और धरने पर बैठ गए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने का अधिकार हर नागरिक को है और यदि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों पर बल प्रयोग किया जाता है तो चिंता का विषय है। उन्होंने मांग की की घायल प्रदर्शनकार्यों को उचित इलाज मिले और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए उन्होंने सरकार से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील भी की।
सरकार से बातचीत और निष्पक्ष जांच की उठी मांग
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे CJP के नेताओं ने भी पुलिस कार्रवाई की आलोचना की उनका कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य जनता की समस्याओं और शिक्षा का व्यवस्था से जुड़ी मुद्दों को सरकार तक पहुंचाना था। संगठन ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकार्यों के साथ अनावश्यक बल प्रयोग किया गया दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और जब प्रदर्शनकार्यो ने प्रतिबंधित क्षेत्र की ओर बढ़ने की कोशिश की तब आवश्यक कार्रवाई की गई।
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घटना के बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई संसद मार्ग जंतर मंतर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बनने तैनात हो गया प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। इस पूरी घटनाक्रम पर विपक्षी दलों और कहीं सामाजिक संगठनों ने भी प्रतिक्रिया दी है। विपक्षी ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा है जबकि सरकार का कहना है कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी।





