‘अब बात करनी है तो…’; अभिजीत दीपके ने सरकार के सामने रखी नई शर्त

दिल्ली में CJP के जारी प्रदर्शन के बीच संगठन के नेता अभिजीत दीपक ने सरकार के सामने नई शर्त रखी है। उनका कहना है कि यदि सरकार बातचीत करना चाहती है तो पहले आंदोलनकारियों के खिलाफ कार्रवाई रोकने और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने का भरोसा देना होगा। संसद मार्च के बाद बढ़े तनाव के बीच अब सभी की नजर सरकार और प्रदर्शनकारियों के अगले कदम पर टिकी है।

Shakshi Chauhan

21 जुलाई 2026

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'अब बात करनी है तो...'; अभिजीत दीपके ने सरकार के सामने रखी नई शर्त

सरकार बात करना चाहती है तो पहले हमारी शर्त माने- CJP नेता अभिजीत दीपके। दिल्ली में चल रहे CJP के आंदोलन के बीच संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपक ने सरकार के सामने नहीं शर्त रख दी है। उनका कहना है कि अगर केंद्र सरकार आंदोलन कार्यों से बातचीत करना चाहती है तो पहले कुछ जरूरी मांगों पर भरोसा देना होगा।

जंतर मंतर आंदोलन के बीच CJP की नई मांग, सरकार से बातचीत पर रखी शर्त

उनका दावा है कि केवल बातचीत करने से या निमंत्रण देने से समस्या का समाधान नहीं होगा बल्कि सरकार को गंभीरता दिखानी होगी।
दिल्ली के जंतर मंतर पर कहीं दिनों से छात्र युवा और विभिन्न संगठनों के लोग प्रदर्शन कर रहे हैं प्रदर्शन कार्यों की मुख्य मांग शिक्षा व्यवस्था के सुधार परीक्षा घोटाले का निष्पक्ष जांच और केंद्र शिक्षा मंत्री के स्थिति से जुड़ी है।

आंदोलन के दौरान कई बार पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव भी देखने को मिला हाल ही में संसद मार्च के दौरान हुई सड़क के बाद यह आंदोलन और चर्चा में आया। अभिजीत दीपके ने कहा कि सरकार यदि सच मैं समाधान चाहती है तो पहले यह भरोसा दीजिए कि आंदोलनकारी के खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई नहीं होगी उन्हें यह भी कहने की आंदोलन में शामिल लोगों की आवाज को दबाने की बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए उनका कहना है कि बातचीत तभी सफल हो सकती है जब दोनों पक्ष ईमानदारी से आगे बढ़े।

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दिल्ली में CJP का प्रदर्शन जारी

CJP की ओर से यह भी कहा गया कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा संगठन ने अपने समर्थकों से किसी भी तरह की हिंसा से दूर रहने की अपील की है हालांकि संसद मार्च के दौरान हुई झड़पों के बाद पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया और कुछ मामलों में FIR भी दर्ज करवाई पुलिस का आरोप है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने कानून व्यवस्था बिगड़ने की कोशिश की जबकि CJP का कहना कि पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया।

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इस आंदोलन को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का भी समर्थन मिला उन्होंने भी शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों की समस्याओं को समाधान में मांग की है बैंक चौक के समर्थन के बाद आंदोलन को देशभर में और अधिक चर्चा मिली तथा बड़ी संख्या में छात्र और युवा इससे जुड़ने लगे।
अभिजीत दीपके कहना है कि आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं बल्कि छात्रों और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए है।

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उन्होंने कहा कि लाखों छात्र परीक्षा प्रणाली की खामियों से परेशान है और उन्हें न्याय मिलना चाहिए। उनका दावा है कि जब तक सरकार ठोस कदम नहीं उठाती तब तक आंदोलन जारी रहेगा वहीं सरकार की ओर से संकेत मिले हैं कि बातचीत के रास्ते खुले हैं। कुछ प्रतिनिधियों की मंत्रियों के साथ मुलाकात भी हुई है लेकिन अभी तक किसी अंतिम सहमति की घोषणा नहीं हुई है ऐसे में आंदोलन और सरकार के बीच आगे क्या समाधान निकलता है इस पर सभी की नजरे बनी हुई है।

Shakshi Chauhan
लेखक परिचय
Shakshi Chauhan
Shakshi Chauhan is a college student with a strong passion for writing and creative expression. She enjoys turning her ideas into engaging, relatable stories… और पढ़ें
Shakshi Chauhan is a college student with a strong passion for writing and creative expression. She enjoys turning her ideas into engaging, relatable stories and often writes about trending and thought-provoking topics. Through her work, she aims to connect with readers while continuously improving her skills as a writer.

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