मानसून का प्रकोप भारत के कई शहरों को ग्रस्त करने में लगा हुआ है। कल यानी 21 जुलाई को ही भीषण बारिश के कारण सिक्किम में भारी लैंडस्लाइड हुई थी जिसकी वजह से पास की अंडर कंस्ट्रक्शन टनल मलबे से ढक गई और कर्मचारी वहीं फंसे रह गए। हाल ही में भीषण बारिश का प्रकोप असम में देखने को मिल रहा है।
असम में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने असम में रह रहे लोगों के जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई जगहों पर पानी घरों की छत को छू रहा है तो कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर नजर आ रही है। पिछले 24 घंटे के दौरान बाढ़ संबंधी घटनाओं में 21 लोगों की मौत की खबर सामने आई है, जिनमें सबसे अधिक 13 मौतें शिवसागर जिले में हुई हैं।
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16 जिलों को पानी ने घेरा
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार अभी तक 16 जिलों में भयंकर बाढ़ देखी जा रही है और बताया जा रहा है अभी खतरा टाला नहीं है क्योंकि नदियों का जलस्तर लगातार खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। कई इलाकों में सड़के टूट कर बिखर गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक 16 जिलों में करीब 5.4 लाख लोग बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। कुछ लोगों के परिवार वाले लापता है वहीं दूसरी ओर हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के क्षेत्रों में बारिश ने लोगों की चिंता बढ़ा दी हैं।
भीषण बारिश और बाढ़ से जूंझता हुआ इलाका असम का शिवसागर जिला है, जहां 3.59 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ की चपेट में हैं। चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिले भी गंभीर रूप से प्रभावित हैं। 44 राजस्व मंडलों के 872 गांव जलमग्न हैं। राहत के लिए 71 शिविर और 202 राहत वितरण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां हजारों विस्थापित लोगों को ठहराया गया है। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा बुधवार से प्रभावित जिलों का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा करेंगे।
हज़ारों लोगों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाने के लिए प्रशासन ने प्रभावित जिलों में राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। हालांकि बाढ़ से जूझ रहे निचले इलाकों और ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे बसे जिलों में लोगों को अभी भी बचाने की कोशिश की जा रही है। इसके अलावा कई लोगों को सुरक्षित राहत केंद्र पहुंचा दिया गया है जहां उनके खाने-पीने और स्वास्थ्य का ख्याल रखा जा रहा है।
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नदियाँ आई उफान पर
भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं, जिससे खेत, घर और सड़कें पानी में डूब गई हैं। कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क भी टूट गया है। असम में ब्रह्मपुत्र, दिखो, देसांग और धनसिरी समेत कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। सेना, NDRF और अग्निशमन विभाग की टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। बाढ़ का बुरा असर रेलवे पर भी पड़ा है। ऊंचाई वाले इलाकों में रेल पटरियों पर पानी भरने से कई ट्रेनें रद्द, आंशिक रूप से रद्द या डायवर्ट करनी पड़ी हैं।
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सिर्फ असम ही नहीं अन्य शहरों में भी कहर
असम अकेला ऐसा राज्य नहीं है जो इस समय बाढ़ और भारी बारिश से जूझ रहा है। देश के कई अन्य राज्यों में भी लगातार हो रही बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हिमाचल प्रदेश में बादल फटने और उत्तराखंड में भूस्खलन और सड़कें बंद होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। वहीं बिहार के कई जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश, मेघालय और नागालैंड के कई इलाकों में भी भारी बारिश दर्ज की गई है। महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी तेज बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। वहीं, अरुणाचल प्रदेश में लगातार बारिश से पांच जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है।




