RBI MPC Meeting आज से शुरू, जानें EMI घटेगी या बढ़ेगी इस बार

RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी की बैठक 3 अगस्त से शुरू होगी और 5 अगस्त को फैसलों का ऐलान किया जाएगा। विशेषज्ञों के सर्वे के मुताबिक, महंगाई, कच्चे तेल की कीमतों और कमजोर मानसून के बीच RBI रेपो रेट को फिलहाल स्थिर रख सकता है।

Shakshi Chauhan

3 अगस्त 2026

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RBI MPC Meeting आज से शुरू, जानें EMI घटेगी या बढ़ेगी इस बार

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर और संतुलित बनाए रखने के लिए समय-समय पर मौद्रिक नीति समिति (Monetary policy committee-MPC) की बैठक आयोजित करता है। इस समिति का मुख्य उद्देश्य महंगाई को नियंत्रण रखना आर्थिक विकास को बढ़ावा देना तथा बैंकिंग व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना है। अगस्त 2026 को बैठक भी इसी उद्देश्य से आयोजित की गई है। जिसमें कई महत्वपूर्ण आर्थिक मुद्दों पर चर्चा की जा रही है।

इस बैठक का सबसे महत्वपूर्ण विषय रेपो रेट है। रेपो रेट वह ब्याज दर होती ह जिस पर RBI वाणिज्यिक बैंकों को अल्पकाल के लिए ऋण उपलब्ध कराता है। यदि RBI रेपो रेट में कमी करता है, तो बैंकों के लिए धन की लागत काम हो जाती है। इसके परिणाम स्वरुप बैंक ग्राहकों को कम ब्याज दर पर ऋण दे सकते हैं। वहीं, यदि रेपो रेट बढ़ाया जाता है तो ऋण महंगे हो जाते हैं और लोगों की मासिक किस्त (EMI) भी बढ़ सकती है।

इस समय देश में महंगाई पहले की तुलना में नियंत्रित स्थिति में है। इसी कारण कई आर्थिक विशेषज्ञों काम मानना है कि RBI इस बैठक में ब्याज दरों को स्थिर रख सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय महंगाई के स्तर, आर्थिक विकास की गति, वैश्विक बाजार की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा। इन सभी पहलुओं का भारतीय अर्थव्यवस्था पर सीधा प्रभाव पड़ता है।

MPC की बैठक केवल ब्याज दरों तक सीमित नहीं होती। इसमें देश की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर, महंगाई के भविष्य के अनुमान तथा बैंकिंग प्रणाली में उपलब्ध नकदी की स्थिति पर भी विचार किया जाता है समिति का प्रयास रहता है कि ऐसे निर्णय के लिए जांच जिसे आर्थिक विकास और मूल्य स्थिर के बीच संतुलन बना रहे।

यदि कारण है कि RBI के प्रत्येक निर्णय का असर आम नागरिकों, उद्योगों, निवेशको और वित्तीय संस्थानों पर दिखाई देता है। यदि इस बैठक में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया जाता, तो वर्तमान में चल रहे होम लोन, कार लोन और अन्य ऋणों की EMI में तत्काल कोई परिवर्तन नहीं होगा। वहीं भविष्य में यदि महंगाई बढ़ती है या आर्थिक परिस्थितियाँ बदलती हैं, तो RBI अपनी आगामी बैठकों में आवश्यक संशोधन कर सकता है।

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RBI की मौद्रिक नीति समिति की बैठक भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इस बैठक में लिए गए निर्णय न केवल बैंकिंग क्षेत्र को प्रभावित करते हैं, बल्कि आम लोगों के खर्च, बचत, निवेश और ऋण लेने की क्षमता पर भी असर डालते हैं। इसलिए हर बार इस बैठक के परिणामों पर पूरे देश की नजर रहती है। संतुलित और दूरदर्शी नीतियाँ देश की आर्थिक प्रगति और वित्तीय स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

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RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक 3 अगस्त से शुरू होगी इसमें लिए गए फैसलों का 5 अगस्त को सुनाया जाएगा। 10 इकोनॉमिस्ट और ट्रेजरी प्रमुख के एक सर्वे से ये बात सामने आई है कि रिजर्न बैंक ऑफ इंडिया अगस्त की मॉनेटरी पॉलिसी बैठक में बेंचमार्क रेपो रेट को बिना किसी बदलाव के बनाए रख सकता है।

इस सर्वे के अनुसार, महंगाई के बढ़ते रिस्क, क्रूड ऑयल (कच्चा तेल)की ऊंची कीमतों और कमजोर मानसून को देखते हुए फिलहाल ब्याज दरों को स्थिर रखने का फैसला ले सकते है।

Shakshi Chauhan
लेखक परिचय
Shakshi Chauhan
Shakshi Chauhan is a college student. she writes with her mind completely involved in writing. Even though she is into commerce field, but she…और पढ़ें
Shakshi Chauhan is a college student. she writes with her mind completely involved in writing. Even though she is into commerce field, but she still has passion for writing. It was her hobby and now she wants to hone the same and work on it. She really enjoys articulating things in her own way