FMCG कंपनियों से विदेशी निवेशकों का मोहभंग, 12 महीने में निकाले 5.25 अरब डॉलर

भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली का असर एफएमसीजी कंपनियों के शेयरों पर भी पड़ा है। पिछले 12 महीनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने इस क्षेत्र से करीब 5.2 अरब डॉलर की रकम निकाल ली। हालांकि, जुलाई में तस्वीर कुछ बदली और विदेशी निवेशक एफएमसीजी क्षेत्र में खरीदार बने।

Palak Gupta

12 अगस्त 2026

1 min read
FMCG कंपनियों से विदेशी निवेशकों का मोहभंग, 12 महीने में निकाले 5.25 अरब डॉलर

रोजमार्रा इस्तेमाल किए जाने वाले प्रोडक्ट्स की कंपनी के शेयर हाल-फिलहाल में भारी दबाव में हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक विदेशी निवेशक पिछले एक साल से निरंतर अपना पैसा विदड्रॉ करने की कतार में लगे हुए है जिसके कारण महंगाई बढ़ने से इन कंपनियों में बड़ी दुविधा खड़ी हो गई है।

भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने FMCG कंपनियों की चिंता बढ़ा दी है। रोजमर्रा के जरूरी सामान जैसे टूथपेस्ट, तेल, साबुन, बिस्कुट बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में इन दिनों भारी हलचल है। भारतीय शेयर बाजार बेशक अपनी चाल चल रहे हो लेकिन इंटरनेशनल मार्केट्स में बड़ी हेर फेर लगी हुई है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने इन रोजमर्रा का सामान बनाने वाली कंपनियों, जिन्हें हम FMCG सेक्टर कहते हैं, उनसे एक तरह से किनारा कर लिया है।

यहां तक कि रिपोर्ट्स के मुताबिक यह रुख मोड़ना कुछ हफ्ते पहले नहीं बल्कि पिछले 12 महीनों से विदेशी निवेशक लगातार इन कंपनियों के शेयर बेच रहे हैं। निवेशकों के मन में यह शक पैदा हो गया है कि क्या वाकई में इन बड़ी FMCG कंपनियों का दौर खत्म हो गया है या फिर यह गिरावट सस्ते में शेयर खरीदने का एक मौका है।

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12 महीने तक लगातार बिकवाली

बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, FMCG क्षेत्र में विदेशी निवेशकों की बिकवाली लगातार 12 महीने तक जारी रही। इस दौरान कुल करीब 5.2 अरब डॉलर की रकम बाहर गई। बाजार में इस लगातार बिकवाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर विदेशी निवेशक एफएमसीजी जैसे बड़े और मजबूत क्षेत्र से दूरी क्यों बना रहे हैं।

आकड़ों के मुताबिक पिछली बार सितंबर 2024 के महीने में इन कंपनियों ने हाईएस्ट गिरावट देखी थी तब से विदेशी निवेशक लगातार बिकवाली कर रहे थे इस बिकवाली में निवेशकों ने 57 अरब डॉलर बाजार से निकाले। इसमें से करीब 27 अरब डॉलर तो केवल इसी साल 2026 में निकाले गए थे। लेकिन जून और मार्च का महीना राहत भरा रहा क्योंकि भारी बिकवाली के बाद जुलाई 2026 में विदेशी निवेशकों ने बाजार में कुल 2.5 अरब डॉलर का निवेश किया था जो पिछले 3 महीनो में सबसे बड़ा निवेश साबित हुआ था।

लेकिन हैरानी की बात यह है कि निवेश करने के बाद भी FMCG सेक्टर के लिए उनकी बेरुखी कम नहीं हुई। FMCG की रिपोर्टस के बाद पता चला है कि 2026 में सिर्फ जुलाई के महीने में ही विदेशी निवेशकों द्वारा 1,103 करोड़ रुपये की निकासी हुई है। अगर पूरे साल 2026 की बात करें तो अब तक इस सेक्टर से 28,276 करोड़ रुपये निकाले जा चुके हैं।

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दिग्गज कंपनियों के गिरे शेयर

पिछले एक साल की रिपोर्ट्स में पाया गया कि हिंदुस्तान लिवर के शेयर 18 प्रतिशत तक नीचे गिर गए हैं वहीं दूसरी ओर सिगरेट और बिस्कुट बनाने वाली कंपनी आईटीसी (ITC) के शेयरों में 34 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है, जबकि डाबर के शेयर 20 प्रतिशत तक टूट चुके हैं।

इसी साल टाटा कंज्यूमर के शेयर भी 9 प्रतिशत तक गिरे। हालांकि नेस्ले और ब्रिटानिया जैसे कंपनियों ने मामूली बढ़त हासिल की नेस्ले के शेयरों में पिछले एक साल में 35 फीसदी का उछाल आया है, और ब्रिटानिया ने भी 4 फीसदी की मामूली बढ़त हासिल की है।

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विदेशी निवेशकों की दूर जाने की क्या है वजह ?

विदेशी निवेशकों का एफएमसीजी कंपनियों से पैसा निकालने के पीछे सिर्फ एक कारण नहीं है। पिछले एक साल में भारतीय बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली का बड़ा असर इस क्षेत्र पर भी पड़ा है। वैश्विक बाजार की स्थिति, रुपये की चाल, कच्चे तेल की कीमत और भारतीय शेयरों के ऊंचे मूल्यांकन जैसे कई कारणों ने निवेशकों के फैसले को प्रभावित किया।

एफएमसीजी कंपनियों के सामने कारोबार से जुड़ी कुछ चुनौतियां भी हैं। कच्चे माल की लागत बढ़ने से कंपनियों के मुनाफे पर दबाव पड़ सकता है। इसके अलावा त्वरित सामान पहुंचाने वाले नए कारोबार और बदलती ग्राहक पसंद ने भी बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ा दी है।

एक और बड़ी वजह यह है कि विदेशी निवेशक इस समय भारतीय बाजार में अपना पैसा अलग-अलग क्षेत्रों में घुमा रहे हैं। जुलाई में उनका रुख उपभोक्ता कंपनियों की तरफ दोबारा बढ़ा और एफएमसीजी क्षेत्र में भी करीब 2.5 अरब डॉलर का निवेश आया। इससे पता चलता है कि विदेशी निवेशकों का भरोसा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, बल्कि वे बाजार की स्थिति और कंपनियों के प्रदर्शन को देखकर अपना निवेश बदल रहे हैं।

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Palak Gupta is pursuing a Bachelor's in Journalism and Media Management and works as a News Writer at Khabar Mirror. She specializes in accurate,…और पढ़ें
Palak Gupta is pursuing a Bachelor's in Journalism and Media Management and works as a News Writer at Khabar Mirror. She specializes in accurate, credible, and reader-centric reporting, driven by a commitment to ethical journalism and continuous professional growth.