ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा सैन्य टकराव अब खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों तक पहुंच चुका है। बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसैनिक अड्डे को ईरानी हमलों से भारी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। अमेरिकी अधिकारियों ने माना है कि हमलों का असर इतना गंभीर था कि बेस के भविष्य और वहां अमेरिकी नौसेना की मौजूदगी को लेकर भी समीक्षा की जा रही है। यह वही ठिकाना है जहां अमेरिकी नौसेना की फिफ्थ फ्लीट का मुख्यालय स्थित है।
ईरानी हमलों में अमेरिकी बेस को भारी नुकसान
बहरीन स्थित Naval Support Activity Bahrain पर ईरान की ओर से लगातार हमले किए गए थे। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, हमलों में बेस की कई अहम सुविधाएं प्रभावित हुईं। इनमें कमांड सेंटर समेत कई दूसरी इमारतों को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है।
अमेरिका के कार्यवाहक नौसेना सचिव हंग काओ ने हमले के बाद बेस को हुए नुकसान की गंभीरता को स्वीकार किया है। उनके मुताबिक, ईरानी हमलों ने बहरीन में अमेरिकी सैन्य ढांचे को काफी प्रभावित किया। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि बुनियादी ढांचे को नुकसान हुआ है, हालांकि सैन्यकर्मियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई और बेस पर बड़ी संख्या में जानमाल के नुकसान से बचा गया।
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बेस की मरम्मत और भविष्य पर हो रहा आकलन
हमले के बाद अमेरिकी नौसेना अब इस बात का आकलन कर रही है कि बेस को पूरी तरह से दोबारा इस्तेमाल करने में कितना समय और संसाधन लगेंगे। साथ ही, क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य तैनाती और भविष्य में इस ठिकाने के इस्तेमाल को लेकर भी समीक्षा की जा रही है।
बहरीन में स्थित यह बेस अमेरिका के लिए रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है। यहां से अमेरिकी नौसेना की फिफ्थ फ्लीट क्षेत्र में समुद्री अभियानों की निगरानी करती है। ऐसे में बेस को हुए नुकसान का असर केवल एक सैन्य परिसर तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है।
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ईरान-अमेरिका टकराव में लगातार बढ़ रही है तनातनी
बहरीन का यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। हाल के दिनों में ईरान की ओर से अमेरिकी सैन्य ठिकानों और नौसैनिक जहाजों को निशाना बनाने के दावे किए गए हैं। इसके जवाब में अमेरिका ने ईरान से जुड़े तेल टैंकरों और अन्य ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई की है।
इस बढ़ते टकराव का असर बहरीन के अलावा खाड़ी के दूसरे देशों पर भी पड़ा है। ईरान ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी हितों और सहयोगी देशों को लेकर लगातार चेतावनियां दी हैं, जबकि अमेरिका अपनी सैन्य मौजूदगी बनाए हुए है।
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खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
बहरीन में अमेरिकी नौसैनिक अड्डे को हुआ नुकसान इस पूरे संघर्ष की गंभीरता को दिखाता है। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के सामने अब एक तरफ प्रभावित सुविधाओं की मरम्मत और दूसरी तरफ क्षेत्र में अपने सैनिकों तथा सैन्य संसाधनों की सुरक्षा बनाए रखने की चुनौती है।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के संकेत साफ तौर पर नजर नहीं आ रहे हैं। दोनों पक्षों की सैन्य गतिविधियां जारी रहने से खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा और समुद्री मार्गों को लेकर भी चिंता बनी हुई है। ऐसे में बहरीन स्थित अमेरिकी बेस को लेकर लिया जाने वाला अगला फैसला आने वाले समय में अमेरिका की क्षेत्रीय रणनीति के लिए अहम माना जा रहा है।





