संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में राहुल गांधी ने जंतर मंतर पर उतरे लाखों युवाओं के लिए विपक्ष के खिलाफ मोर्चा खोला है। हाल ही में राहुल गांधी का जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत का वीडियो वायरल हो रहा था। जिसके तुरंत बाद एक और फोटो दिखाई दे रही थी जिसमें प्रदर्शन में शामिल राहुल गाँधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव सहित अन्य नेताओं को हिरासत में ले लिया गया था।
हिरासत के बाद जब रिहा कर दिया गया तब राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें वह सरकार से 5 मांगे मांगते नजर आए। लोकसभा में भी राहुल गांधी ने विपक्ष पर तीखे सवाल खड़े किए। राहुल गांधी के साथ अन्य नेता भी कदम से कदम मिलकर उनका संगठन कर रहे थे। बताया जा रहा है कि जंतर मंतर के प्रदर्शन पर पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी वही पर उपस्थित थे लेकिन संसद में बातचीत के दौरान चरणजीत सिंह चन्नी उनके करीब होकर भी बातचीत करते हुए नजर नहीं आए।
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संसद परिसर से वायरल हो रही इस वीडियो में दोनों नेताओं के बीच सार्वजनिक तौर पर ज्यादा बातचीत या नजदीकी नजर नहीं आई जिसके कारण पंजाब की सियासी में बड़ी हलचल पैदा हो गई है। इस वीडियो के माध्यम से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि पंजाब की सियासत के लिए बड़ा सियासी संदेश दे दिया है।
संसद में हुए इस व्यवहार को पंजाब के सीएम चन्नी से जुड़े दो घटनाक्रमों ने पार्टी की अंदरूनी राजनीति को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। दिल्ली में हुए इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य छात्र आंदोलन और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरना था। पेपर लीक के मुद्दे पर संसद भवन में विपक्षी नेता राहुल गांधी की अगुवाई में प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी अन्य नेताओं के संग आगे होने वाले कार्यों पर चर्चा कर रहे थे जबकि चन्नी कांग्रेस पार्टी से जुड़े होकर भी दूर खड़े नजर आए।
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न राहुल गांधी ने न प्रियंका गांधी ने किया गौर
राहुल गांधी लोकसभा में अपना पक्ष रखने के बाद संसद भवन परिसर के बाहर नेताओं से बातचीत करते नजर आए। इसी दौरान चन्नी भी थोड़ी दूरी पर खड़े थे लेकिन उनपर न प्रियंका का ध्यान गया और न ही राहुल गांधी का। इसके अलावा युवाओं के मुद्दों और पेपर लीक के विरोध में संसद से निकाले गए मार्च के दौरान भी चन्नी को कोई अलग राजनीतिक तवज्जो मिलती नहीं दिखी।
इसके अलावा मंगलवार को जब राहुल और प्रियंका दोनों धरने पर बैठे थे तब भी राहुल गांधी के सबसे करीब पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग नजर आए। राजा वडिंग सिर्फ साथ ही नहीं बल्कि आक्रामक अंदाज में राहुल गांधी के संग डट कर खड़े थे। अलगे दिन बुधवार को जब संसद में पेपर लीक के मुद्दे पर राहुल काले कपड़े पहन कर संसद गए थे तब भी राजा वडिंग उनके करीब नजर आए।
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बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से पंजाब कांग्रेस के नेताओं की ओर से अलग-अलग मुद्दों पर व्यक्तिगत सियासी लाइन सामने आती रही है। पार्टी ने खास तौर पर देखा कि कैसे उनके आदेश को चुनौती दे दी गई। चरणजीत सिंह चन्नी ने राजा वडिंग के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था। संसद परिसर में सामने आए इस घटनाक्रम को राजनीतिक जानकार सिर्फ चरणजीत सिंह चन्नी तक सीमित नहीं मान रहे हैं। उनका कहना है कि यह पंजाब कांग्रेस के सभी नेताओं के लिए एक संकेत हो सकता है कि पार्टी नेतृत्व अब संगठन में अनुशासन, एकजुटता और सामूहिक रणनीति पर ज्यादा जोर देना चाहता है।
विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस हाईकमान यह संदेश देना चाहता है कि व्यक्तिगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी नेताओं को एक टीम की तरह काम करना होगा। ऐसे में इस पूरे घटनाक्रम को पंजाब कांग्रेस की भविष्य की रणनीति और नेतृत्व के रुख से जोड़कर भी देखा जा रहा है।




