जंतर मंतर पर जारी प्रदर्शन के बीच अभिजीत दीपके ने बताई की तबीयत बिगड़ने की जानकारी। दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन के बीच संगठन के संस्थापक अभिजीत दीप के की तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आई है लगातार कई दिनों से आंदोलन का नेतृत्व कर रहे दीपके ने बताया है कि उनका स्वास्थ्य काफी ठीक नहीं है और कुछ समय के लिए उन्हें आराम करना पड़ रहा है हालांकि उन्होंने साफ किया है कि आंदोलन रुकेगा नहीं और उनकी अनुपस्थिति में भी प्रदर्शन पहले की तरह जारी रहेगा।
यह आंदोलन शुरुआत में परीक्षा पेपर लेकर भर्ती परिक्रियाओं में कथित एनीमिया तो के खिलाफ शुरू हुआ था लेकिन समय के साथ इसमें काफी संख्या में छात्र युवा अभिभावक और विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग भी शामिल हो गए प्रदर्शन कार्यों का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में प्रदर्शित दोषियों पर सख्त कार्रवाई और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित बनाने की मांग कर रहे हैं।
अभिजीत ने सोशल मीडिया के माध्यम से समर्थकों को जानकारी दी कि वह दर्द निवारक दवाइयों के सहारे आंदोलन का संचालन कर रहे हैं। लेकिन डॉक्टरों की सलाह के बाद उन्हें कुछ घंटे का आराम लेना पड़ा उन्होंने यह भी कहा कि उनकी टीम पूरी तरह सक्रिय है और आंदोलन पहले की तरह शांतिपूर्ण ढंग से चलता रहेगा समर्थकों से उन्होंने अपील की कि वह संयम बनाकर रखें और आंदोलन के उद्देश्य पर ध्यान केंद्रित करें।
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जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में स्वयंसेवक व्यवस्था संभाल रहे हैं प्रदर्शन कार्यों के लिए भोजन पानी दवाइयां और अन्य जरूरत का सामान भी लगातार जारी है कई लोग देश के अलग-अलग हिस्सों से आर्थिक और अन्य प्रकार की सहायता भी भेज रहे हैं हाल ही के दिनों में ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफार्म के जरिए भी प्रदर्शन स्थल पर भारी मात्रा में खाद्य सामग्री और मेडिकल सामान पहुंच गया है जिस आंदोलन को लगातार सहयोग मिल रहा है।
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर रखी है संसद क्षेत्र और जंतर मंतर के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तनाव किया गया है ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे पिछले कुछ दिनों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई बार तनाव की स्थिति भी देखने को मिली थी लेकिन प्रदर्शनकारी लगातार शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखने की बात दोहरा रहे हैं।
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इस आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार की ओर से कुछ कदम उठाए गए हैं सरकार ने परीक्षा संबंधी मामलों में तेज सनी और देशों पर कार्रवाई के लिए फास्ट्रेक व्यवस्था की घोषणा की है हालांकि प्रदर्शनकारी इन कदमों को पर्याप्त नहीं मानते और उनका कहना है कि केवल घोषणाओं से समस्या का समाधान नहीं होगा वे शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और जवाब दे ही सुनिश्चित करने की मांग करने पर कायम है।
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इस बीच अभिजीत की तबीयत खराब होने पर समर्थकों में चिंता जरूर है। सोनम वांगचुक की तबीयत भी काफी ज्यादा बिगड़ चुकी है और इसी बीच उन्होंने बोला कि अगर सरकार भरोसा दे तो वह आज ही आंदोलन बंद कर दें हाल फिलहाल में ही सोनम वांगचुक अभी हॉस्पिटल में भर्ती है।
लेकिन आंदोलन नहीं रुका है इस बीच अभिजीत की तबीयत खराब होने की खबर से समर्थकों में भी चिंता बड़ी हुई है लेकिन आंदोलन से जुड़े नेताओं ने स्पष्ट किया है कि अभियान किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि लाखों छात्रों और युवाओं की आवाज है।





