यूपी सरकार का बड़ा फैसला सामने आया है दिव्यांग पेंशन बढ़ाकर 1500 कर दी है आरक्षण और सुविधाओं में भी काफी ज्यादा सुधार हुआ। उत्तर प्रदेश सरकार ने दिव्यांग जनों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले निकले हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई उत्तर प्रदेश राज्य दिव्यांगजन सशक्तिकरण परिषद की बैठक में दिव्यांग पेंशन बढ़ाने आरक्षण का दायरा बढ़ाने और सहायक उपकरणों के लिए अनुदान राशि में वृद्धि सहित कई अहम प्रस्तावों पर सहमति बनी। इन फैसलों का उद्देश्य दिव्यांग जनों को आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ उन्हें शिक्षा रोजगार और सामाजिक जीवन में अधिक अवसर उपलब्ध कराना है।
| योजना / सुविधा | विवरण |
|---|---|
| कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण अनुदान | अनुदान की सीमा बढ़ाई गई है। |
| अनुदान राशि | 80% या उससे अधिक दिव्यांगता वाले 16 वर्ष या उससे अधिक आयु के व्यक्तियों को ₹25,000 तक का अनुदान दिया जा रहा है। |
| मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल वितरण | इस वर्ष राज्य के प्रत्येक जिले में 15 मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल वितरित की जाएंगी। |
| विशेष विद्यालय | राज्य में 21 विशेष विद्यालय संचालित हैं। |
| समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय | राज्य में 7 नवीन समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। |
| दृष्टिबाधितों के लिए शिक्षा | ब्रेल पद्धति के माध्यम से शिक्षा प्रदान की जा रही है। |
| दृष्टिबाधित पेंशन | दृष्टिबाधित व्यक्तियों को ₹4,000 प्रति माह पेंशन दी जाती है। |
| बचपन डे-केयर सेंटर | 3 से 7 वर्ष के दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित एवं मानसिक मंदित बच्चों के लिए 25 डे-केयर केंद्र संचालित हैं। |
| पंजीकृत बच्चे | इन डे-केयर केंद्रों में 1,431 बच्चे पंजीकृत हैं। |
दिव्यांग पेंशन में 50% की बढ़ोतरी
बैठक में सबसे बड़ा निर्णय दिव्यांग पेंशन को लेकर लिया गया है अब तक प्रदेश में पत्र दिव्यांग जनों को प्रति माह ₹1000 की पेंशन मिलती थी जिसे बढ़ाकर ₹1500 प्रति माह करनी का निर्णय लिया गया है सरकार का मानना है की बढ़ती महंगाई की बीच यह अतिरिक्त सहायता दिव्यांगजनों के दैनिक जीवन में राहत प्रदान करेगी।
सरकार ने नगरीय निकायों विकास प्राधिकरणों और अन्य सरकारी संस्थाओं द्वारा बनाए जाने वाली दुकान के आवंटन में दिव्यांग जनों का आरक्षण तीन प्रतिशत से बढ़कर 5% करने का भी निर्णय लिया है। इससे दिव्यांगजन सर्व रोजगार के अधिक अवसर प्राप्त कर सकेंगे और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेंगे। बैठक में कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरणों के लिए दी जाने वाली अनुदान राशि की सीमा भी बढ़ा दी गई है अब 80% या उससे अधिक दिव्यंका वाले 16 वर्ष है या उससे अधिक आयु के पात्र व्यक्तियों को ₹25000 तक का अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा।
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प्रत्येक जिले में मिलेगी मोटर राइट ट्राईसाईकिल।
सरकार ने यह भी घोषणा की है कि चालू वर्ष में प्रदेश के प्रत्येक जिले में 15 वाटर राइट्स ट्राई साइकिल वितरित की जाएगी। यह पहल विशेष रूप से कुंड दिव्यांगजनों के लिए उपयोगी होगी जिन्हें आने-जाने में कठिनाई होती है इससे उनकी आवाजाही आसन होगी और वह शिक्षा रोजगार तथा अन्य गतिविधियों में अधिक सक्रिय रूप से भाग ले सकेंगे।
विशेष विद्यालयों का विस्तार
दिव्यांग बच्चों की शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए राज्य में वर्तमान में 21 विशेष विद्यालय संचालित किया जा रहे हैं इसके अलावा साथ नए समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय भी संचालित है जहां विभिन्न प्रकार के दिव्यांग नेताओं वाले बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।
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छोटे बच्चों के लिए डे केयर केंद्र।
प्रदेश में 3 से 7 वर्ष आयु के बच्चे जो मानसिक रूप से दिव्यांग है उनके लिए बचपन डे केयर सेंटर संचालित किया जा रहे हैं इन केदो में वर्तमान में 1431 बच्चे मौजूद हैं जहां उन्हें प्रारंभिक शिक्षा देखभाल और विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है





