उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से शुक्रवार को एक मासूम बच्चे की खेलते-खेलते जान चली गयी। बताया जा रहा है कि बच्चे की मौत कार एक्सीडेंट में हुई जिसमें बच्चा, तेज रफ़्तार से आ रही गाडी के नीचे कुचल गया। यह हादसा प्रयागराज के झूंसी थाने से करीब 200 मीटर की दूरी पर हुआ था। बच्चा खेलते-खेलते सड़क पर आकर जिद में लेट गया था इसी दौरान पीछे से आ रही कार ने उसे रौंद दिया।
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क्या है पूरा मामला ?
झूंसी के चमनगंज निवासी राजकुमार ग्रीन पार्क के पास परिवार के साथ रहते हैं। उनके तीन बेटे हैं, राजकुमार मजदूरी और कभी-कभी दिहाड़ी पर भी काम करते हैं। शुक्रवार दोपहर उनका तीन वर्षीय बेटा अभिषेक दोनों भाइयों के साथ पास के नल से पानी लेने जा रहा था। इसी बीच ग्रीन पार्क के पास मौजूदा पेट्रोल पंप से पानी पानी भरने के बाद बाहर जैसे ही निकले और आगे बढ़े, दोनों भाई आगे निकल गए वहीं अभिषेक बोतल पकड़ने की ज़िद को लेकर नीचे सड़क पर लेट गया।
कुछ ही मिनटों में तेज़ रफ़्तार से आ रही गाड़ी पर भाइयों की नजर नहीं पड़ी जिसके कारण पीछे आ रहे गाड़ी अभिषेक के ऊपर से गुज़र गई। कार की रफ़्तार इतनी तेज थी कि उसका पहिया पीड़ित के सिर से कब निकल गया पता ही नहीं चला। कार के भार के कारण अभिषेक की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसा सुनते ही पास के लोगों ने जल्द ही जब निजी अस्पताल लेजाया तो डॉक्टर ने नब्ज़ देखकर बच्चे को मृत घोषित कर दिया। यह वारदात शुक्रवार को करीब 12:39 बजे हुई थी। आस-पास की जगह को जब खंगाला गया तो पता चला भाई के एक्सीडेंट को देख कर अभिषेक का बड़ा भाई तुरंत पहुंचा और गोद में शव को उठाया।

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CCTV फुटेज आया सामने
एक्सीडेंट होने के बाद झूंसी थाने में खबर पहुंचते ही पुलिस आई जिसमें उन्होंने पूरे मामले की जांच की। हादसे की तेह तक पहुंचने के लिए पुलिस अधिकारियों ने प्रत्यक्षदर्शियों से बात की जिसमें कुछ लोगों का कहना है कि कार ड्राइवर फ़ोन पर बात कर रहा था। हालांकि इसके अभी कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं।
फुटेज में साफ-साफ दिखाई दे रहा है कि बच्चे को बेरहमी से कुचलने के बाद चालक ने गाड़ी नहीं रोकी और बिना ब्रेक के भागता चला गया। अज्ञात कार चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार और उसके चालक की पहचान कर तलाश की जा रही है।

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यह इस साल की पहली दुर्घटना नहीं
पिछले कुछ वर्षों से प्रयागराज में सड़क दुर्घटनाओं के मामले लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, साल 2025 में जिले में सड़क हादसों में करीब 739 लोगों की जानें गई हैं, जिससे प्रयागराज उत्तर प्रदेश के सबसे अधिक सड़क दुर्घटना प्रभावित जिलों में शामिल रहा। वहीं, जनवरी से जुलाई 2025 के बीच 766 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 405 लोगों की मौत और 287 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। इन हादसों में कई मासूम बच्चों ने भी अपनी जान गंवाई या गंभीर चोटें झेलीं।
रिहायशी इलाकों, स्कूलों और संकरी गलियों में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना बच्चों के लिए सबसे बड़ा खतरा बनकर सामने आया है। ट्रैफिक विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकतर हादसे तेज रफ्तार, मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए ड्राइविंग, गलत दिशा में वाहन चलाने और यातायात नियमों की अनदेखी के कारण होते हैं।




