संसद के मानसून सत्र में आज का दिन काफी अहम माना जा रहा है लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन प्रिवेंशन ऑफ़ अनफेयर मिंस संशोधन विधेयक 2026, जिसे आम भाषा में एंटी पेपर लिक बिल कहा जा रहा है उसे पर काफी चर्चा होने की बहुत ज्यादा संभावना है पिछले कुछ दिनों से संसद में लगातार हंगामा की वजह से इस बिल पर बहस नहीं हो पाई थी लेकिन अब सरकार और विपक्ष के बीच चर्चा करने पर सहमति बनने के बाद उम्मीद है कि इस महत्वपूर्ण विधेयक पर विस्तार से विचार हो।
संसद में आज एंटी पेपर लीक बिल पर होगी चर्चा
यह बिल ऐसे समय में लाया गया है जब देश में कहीं प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोपी ने लाखों छात्रों की चिंता बहुत ज्यादा बढ़ा दी है। NEET समेत कहीं भारती और प्रवेश परीक्षा में गड़बड़ियों के बाद छात्रों ने बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए थे इन्हीं घटनाओं के बाद सरकार ने परीक्षा प्रणाली और मजबूत बनाने के लिए मौजूदा कानून में बदलाव करने का फैसला किया है।
सरकार का कहना है कि नए संशोधन के जरिए पेपर लीक और संगठित परीक्षा धोखाधड़ी में शामिल लाखों लोगों के खिलाफ पहले से ही कहीं ज्यादा सख्त कार्रवाई की जाएगी प्रस्तावित प्रावधानों के अनुसार देशों के लिए अधिक कड़ी सजा भारी जुर्माना और तेजी से जांच की व्यवस्था की जाएगी।
बिल में क्या प्रमुख संशोधन और नए प्रावधान
इसके अलावा विशेष जांच के लिए स्पेशल टास्क फोर्स और मामलों की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट्रेक अदालतों का भी प्रावधान किया जाएगा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी दलों से अपील की है कि वह नारेबाजी छोड़कर सदन में इस मुद्दे पर खुलकर चर्चा करें। उन्होंने कहा कि यह विषय देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य से जुड़ा है और यदि जरूरत पड़ी तो चर्चा का समय भी बढ़ाया जा सकता है ताकि हर संसद में अपनी बात रखी जा सके।
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हालांकि विपक्ष का कहना है कि केवल बिल पर ही नहीं बल्कि हाल के छात्र आंदोलन और प्रदूषण के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई जैसे मुद्दों पर भी चर्चा चाहता है विकास कार्य करके छात्रों की आवाज को दबाया गया है इसलिए इन मामले पर भी सरकार का जवाब देना चाहिए।
सरकार का दावा: परीक्षा प्रणाली में होगी अधिक पारदर्शिता
इसी कारण पिछले कई दिनों तक संसद की कार्रवाई बाधित होती रही वहीं सरकार का कहना है कि विपक्ष के छात्रों के हित में इस दिल पर चर्चा करनी चाहिए संसदीय कार्य मंत्री कानून पर सार्थक बहस करने की अपील की है। सरकार का दावा है कि यह कानून भविष्य में होने वाले पेपर लीक पर रोक लगाने की दिशा में बड़ा करने में साबित होगा।
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यदि यह संशोधन विधेयक संसद द्वारा पारित हो जाता है, तो इसे उपयोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे परीक्षा में छात्रों का विश्वास बढ़ेगा और परीक्षा माफियों को पकड़ा जा सकेगा और उनकी तरफ कानूनी करवाई होगी।





