देशभर में NEET 2026 पेपर लीक मामले को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों और अभिभावकों के नाम देर रात एक विशेष वीडियो संदेश जारी किया अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं केवल परीक्षा की निष्पक्षता पर ही नहीं बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य और उनके परिवारों की उम्मीद पर भी सीधा आघात करती है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शने वाली नहीं है और आने वाले दिनों में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले ढाई महीने में सरकार ने पेपर लीक मामलों में कई महत्वपूर्ण कार्रवाई की है जांच एजेंसियों ने अनेक आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उन्हें जेल भेजा गया है।
उन्होंने कहा कि केवल गिरफ्तारी ही पर्याप्त नहीं है बल्कि ऐसी व्यवस्था बनानी होगी जिससे भविष्य में कई भी परीक्षा माफिया छात्रों की भविष्य से खिलवाड़ ना कर सके, इसी उद्देश्य से सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने का काम कर रही है। अपने वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने यह भी जानकारी दी की पेपर लीक के खिलाफ और कठोर कानूनी प्रावधान लाने पर केंद्रीय मंत्रिमंडल में चर्चा होगी।
सरकार संसद में एक नया विधेयक लाने की तैयारी कर रही है जिसमें पेपर लीक करवाने वालों के लिए कड़ी सजा तथा कार्रवाई का प्रावधान होगा। उन्होंने कहा की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने में सरकार सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रधानमंत्री ने छात्रों से अपील करते हुए कहा कि वह निराश्य हताश न हुए उन्होंने कहा कि देश के करोड़ों युवा ईमानदारी से मेहनत करते हैं और उनके सपनों पर उन्हें पूरा भरोसा है।
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देश का युवा बहुत ज्यादा मेहनत करता है ऐसी परीक्षा पास करने के लिए और अब उनकी मेहनत बेकार नहीं जाएगी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। पेपर लीक विवाद को लेकर देश में कहीं हिस्सों में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं विपक्ष दल भी इसी मुद्दे पर सरकार को गिर रही है शिक्षा व्यवस्था में और सुधार लाने की मांग कर रहे हैं।
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हाल ही के दिनों में संसद के भीतर भी इस मुद्दे पर तीखी राजनीतिक बहस देखने को मिली सरकार का कहना है कि केवल तात्कालिक कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को पूरा तरह रोकने के लिए संस्थागत सुधार भी करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार ने कानून लाती है और परीक्षा में सुधार करती है डिजिटल निगरानी तथा अकाउंटेबिलिटी और मजबूत किया जाता है तो इससे काफी सारी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ सकती है। छात्रों की सबसे बड़ी मांग यही है कि उन्हें निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली मिले ताकि उनकी वर्षों की मेहनत पर किसी प्रकार का संकट ना आए।





