सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के बीच एक नई तनातनी बहार आ रही है। नीट (NEET) पेपर लीक के खिलाफ और भारत में बढ़ती बेरोजगारी की तरफ आवाज़ उठाने वाली काक्रोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन धीरे-धीरे आग पकड़ रहा है। 20 जुलाई 2026 से संसद मार्च के बीच अभिजीत दीपके ने ढाई दिन बाद अपना अनशन खत्म कर दिया है। इसके साथ ही पार्टी प्रवक्ता सौरभ दास ने दावा किया है कि सरकार की ओर से जेपी नड्डा उनसे बात करने के लिए सहमत हो गए हैं।
हाल ही में खबर आ रही है कि CJP पार्टी के मुख्य कार्यकर्ता ( फाउंडर ) अभिजीत दीपके और सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो ने संसद की तरफ प्रस्थान करना शुरू कर दिया है। लेकिन इसी बीच पुलिस अधिकारियों ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की। जब भीड़ कम न हुई और पीछे नहीं हटी तो पुलिस प्रशासन ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
इस विरोध मार्च को मद्देनज़र रखते हुए दिल्ली पुलिस ने पूरी नई दिल्ली को हाई अलर्ट पर रखते हुए छावनी में बदल दिया है। पुलिस अधिकारियों ने दिल्ली की सड़कों पर सुरक्षा का प्रबंध दुगना कर दिया है। पीएम मार्ग से लेकर संसद पहुंचने तक के मार्ग को पूरी तरह से बंद कर भारी सुरक्षा का प्रबंध किया गया है।
इसके अलावा जंतर मंतर पर 5000 पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया है। संसद के मॉनसून सत्र के बीच इस बड़े आंदोलन को देखते हुए दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं। CJP के संसद मार्च के समर्थन में देश भर से छात्र, प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी और उनके पेरेंट्स 19 जुलाई की शाम से ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर जुटने शुरू हो गए थे।
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अभिजीत दीपके को हिरासत में लिया गया
संसद की तरफ कदम बढ़ाते हुए अभिजीत दीपके और अन्य प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने घेर लिया था। सोमवार दोपहर 3:00 बजे अभिजीत दीपके को हिरासत में लिया। मार्च करने से पहले ही अभिजीत ने कहा था कि संगठन की ओर से कोई भी गलत कदम नहीं उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि संसद मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा, ताकि आंदोलन को बदनाम करने का कोई मौका न मिले।
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सोनम वांगचुक ने रखी 3 शर्तें
वांगचुक पिछले कुछ दिनों से विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन का हिस्सा बने हुए हैं। हालांकि स्वास्थ्य कारणों से वह स्वयं मार्च में शामिल नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने अस्पताल से ही सरकार से बातचीत और प्रदर्शनकारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। 23 दिनों से भूख हड़ताल कर रहे सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म करने के लिए सरकार के सामने तीन शर्तें रखी हैं।
पहली मांग है कि सरकार शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक मामलों की जिम्मेदारी स्वीकार करे। दूसरी मांग के तहत CJP प्रदर्शनकारियों को संसद जाने की अनुमति दी जाए और सांसदों की ओर से मुद्दा उठाने का भरोसा दिया जाए। तीसरी शर्त यह है कि अगर स्वास्थ्य कारणों से सोनम वांगचुक संसद नहीं जा सकते हैं तो सांसद सफदरजंग अस्पताल पहुंचकर उन्हें यही आश्वासन दें।
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CJP के प्रवक्ता ने किया ट्वीट
हजारों बार रोकने के बाद जब CJP और उनके संग जुड़े अनगिनती प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की तब पुलिस प्रशासन को जबरन भीड़ को कण्ट्रोल में लाने के लिए आंसू गैस का प्रयोग कर सैयाम बनाना पड़ा। इसी स्थिति को देख कर CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने X पर ट्वीट कर लिखा “मैं और आशुतोष रांका, सीजेपी की ओर से जेपी नड्डा से मिलने जा रहे हैं। सरकार ने सुबह बातचीत के लिए संपर्क किया था। हमारी मांगें साफ हैं। बड़ी संख्या में युवा इकट्ठा हुए हैं। “
घटनाक्रम के बीच सरकार और CJP के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत की संभावना भी बनी। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, सरकार की ओर से बातचीत का प्रस्ताव दिया गया है, जबकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर ठोस आश्वासन चाहते हैं।




